
बरेली। मरने के 21 साल बाद भूत ने आकर पीलीभीत में हनुमान राइस मिलर समेत छह लोगों को करोड़ों की जमीन का एग्रीमेंट करवा दिया। एग्रीमेंट और की गई शिकायत को सच मानें तो संतोष कुमार टंडन का भूत लखनऊ गया। उसने मामले की शिकायत की। इससे पहले 15 अक्टूबर 24 को उसने एग्रीमेंट करवा दिया। मामले की जांच कर रहे एसपी सिटी मानुष पारीक ने जब टंडन का मृत्यु प्रमाणपत्र देखा तो वह भी चौंक गये। बहरहाल जिन पर आरोप थे। उनमें चरन कमल जीत ने सोमवार को अपने बयान एसपी सिटी को दर्ज करवा दिये हैं। अब मृतक से फर्जी एग्रीमेंट कराने वाले कानूनी शिकंजे में फंसते जा रहे हैं।
पीलीभीत के मोहल्ला डोरी लाल निवासी हनुमान राइस मिल के मालिक अर्पित अग्रवाल, शाहजहांपुर के पुरुषोत्तम गंगवार, बीसलपुर के अंकुर कुमार जायसवाल, राजकुमार, और ओमप्रकाश ने 15 अक्टूबर 2024 को बरेली निवासी संतोष कुमार टंडन से 2784 वर्ग मीटर जमीन का 1.75 करोड़ रुपये में एग्रीमेंट किया था, जिसमें से 25 लाख रुपये एडवांस बतौर बयाने के दिये थे। इस सौदे में करमपुर चौधरी के नन्हे अहमद और शाही के धनेली निवासी नरवीर वर्मा ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए थे। हालांकि, जांच में यह सामने आया कि संतोष कुमार टंडन का निधन 6 नवंबर 2003 को ही हो गया था। दूसरे पक्ष ने संतोष टंडन का मृत्यु प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज भी एसपी सिटी को सौंप दिए हैं, जिससे धोखाधड़ी का मामला स्पष्ट हो गया है।
मॉडल टाउन निवासी, सिद्धि विनायक अस्पताल के निदेशक और इंद्रजीत सर्विस स्टेशन, इज्जतनगर के मालिक चरन कंवलजीत सिंह ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि उनके खिलाफ की गई शिकायत निराधार है। चरन कंवलजीत सिंह का कहना है कि संतोष टंडन की मृत्यु 6 नवंबर 2003 को ही हो चुकी थी, जिसका मृत्यु प्रमाण पत्र भी उन्होंने प्रस्तुत किया है। ऐसे में संतोष टंडन के नाम पर की गई शिकायत ही झूठी है। का कहना है कि संतोष टंडन और उनके भाइयों ने काफी समय पहले ही अपनी संपत्ति (गाटा संख्या 590/2) को बेच दिया था। टंडन भाइयों ने अपनी भूमि का कुछ हिस्सा नंदनवन कॉलोनी के रूप में विकसित कर बेच दिया था, जबकि कुछ भूमि भारत पेट्रोलियम के पेट्रोल पंप मालिक को भी बेच दी गई थी। तहसीलदार और लेखपाल की जांच में पुष्टि हो चुकी है कि टंडन परिवार के पास उस क्षेत्र में अब कोई भूमि नहीं है।
चरन कंवलजीत सिंह ने स्पष्ट किया कि जिस जमीन का उल्लेख शिकायत में किया गया है, उसे उन्होंने बैनामा के माध्यम से खरीदा था और खतौनी में उनका नाम दर्ज है। उन्होंने यह भी कहा कि संतोष टंडन के परिवार या उनके किसी सदस्य के साथ उनका कोई विवाद नहीं है और उनकी भूमि का कानूनी स्वामित्व पूरी तरह स्पष्ट है। चरन कंवलजीत सिंह के बयान से यह स्पष्ट होता है कि संतोष टंडन के नाम पर दर्ज की गई शिकायत आधारहीन है और उनकी संपत्ति का कानूनी अधिकार विवाद से मुक्त है। पूरा फर्जीबाड़ा पीलीभीत में हनुमान राइस मिल के मालिक अर्पित अग्रवाल और उनके सहयोगियों के द्वारा किया गया है।
राइस मिलर अर्पित अग्रवाल ने बताया कि हमने एग्रीमेंट निरस्त करवा दिया है। अब जमीन से हमारा कोई सरोकार नहीं है। हम बाहर के रहने वाले थे। हमारा जमीन से कोई लेना देना नहीं है। सीबीगंज मथुरापुर के बबलू कश्यप, तिलियापुर के ख्वाजुद्दीन, करमपुर चौधरी के नन्हें अहमद हमारे पास आये। उन्होंने संतोष टंडन से हमें मिलवाया। जमीन के कागजात दिये, कागज चेक कराये तो वह सही निकले। इसके बाद हमने एग्रीमेंट कराया। माडल टाउन पुलिस चौकी से फोन आने के बाद मुझे पता लगा कि मामला सही नहीं है। इसके फौरन बाद हमने एग्रीमेंट निरस्त करवा दिया। सोमवार शाम को इस आशय की एक शिकायत अर्पित अग्रवाल और उनके सहयोगियों ने एसपी सिटी से की है।
Published on:
11 Nov 2024 07:20 pm
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