
बरेली। खुसरो मेमोरियल पीजी कॉलेज में चल रहे डी फार्मा फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ होने के बाद खुसरो ग्रुप का चेयरमैन शेर अली जाफरी और उसका बेटा फिरोज अली जाफरी जेल जा चुके हैं। अब एसआईटी फर्जीवाड़े में उनके पार्टनर आस्था कंसल्टेंसी के प्रोपराइटर सुभाषनगर निवासी फर्जी डॉक्टर विजय शर्मा की तलाश में दबिश दे रही है। एसएसपी अनुराग आर्य ने आरोपी विजय पर 25000 का इनाम घोषित किया है। फर्जी डिग्री के आरोप में उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी चल रही है।
10 कॉलेजो को चूना लगा चुका है विजय शर्मा
विजय शर्मा शातिर ठग है और उसने दस कॉलेजों को चूना लगाकर करोड़ों रुपये कमाए हैं। एसएसपी ने उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है। डी फार्मा फर्जीवाड़ा मामले में दर्ज चार केस में विजय शर्मा आरोपी है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि सुभाषनगर निवासी फर्जी डॉक्टर विजय शर्मा पूर्व में डिग्री कॉलेजों को पैरामेडिकल समेत अन्य कोर्स में मान्यता दिलाने का काम करता था। इसके लिए ही उसने अपने घर में ही आस्था कंसल्टेंसी खोली थी। मान्यता दिलाने का झांसा देकर उसने अलीगंज, रिठौरा, देवरनिया, सीबीगंज, हाफिजगंज समेत देहात क्षेत्र के दस कॉलेज संचालकों को अपने जाल में फंसाया और मान्यता दिलाने के नाम पर उनसे करोड़ों रुपये की ठगी कर ली।
ठगी से बना रखा था ठाठ, जीता था लग्जरी लाइफ
विजय शर्मा ने ठगी के पैसे से होटल, अस्पताल और हॉस्टल समेत करोड़ों रुपये की संपत्ति बनाई है। साथ ही उसने तीन लग्जरी कार भी खरीदी हैं। गैंगस्टर के तहत पुलिस शेर अली जाफरी के साथ ही उसकी संपत्ति भी जब्त करेगी। ठगी का ठाठ बनाकर वह लग्जरी लाइफ जी रहा था। अब विधायक बनने के भी ख्वाब देख रहा था। इसको लेकर उसने तैयारी शुरू कर दी थी शहर भर में होर्डिग लगा रखे थे।
Updated on:
14 Sept 2024 10:52 am
Published on:
14 Sept 2024 10:44 am
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
