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बरेली-बदायूं हाइवे में करोड़ों का घोटाला, बीजेपी मेयर की कंपनी पर भी उठे सवाल

पीडब्लूडी विभाग के ही एक रिटायर्ड जेई एमसी पांडे ने बरेली-बदायूं फोरलेन के निर्माण में धांधली का आरोप लगाया है।

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बरेली। सपा सरकार में बने बरेली-बदायूं फोरलेन के निर्माण में धांधली का आरोप लगा है। पीडब्लूडी विभाग के ही एक रिटायर अफसर एमसी पांडे ने हाइवे को फोरलेन करने में घोटाले का आरोप लगाया है। अफसर ने हाइवे में हुए घोटाले की शिकायत करते हुए कहा कि सड़क को फोरलेन करने में 15 प्रतिशत ज्यादा खर्च हुआ है और अगर इस हाइवे को बनाने की सही से जांच की जाए तो जांच में करीब 50 करोड़ रूपये का घोटाला मिल सकता है। रिटायर्ड जेई ने मामले की शिकायत कमिश्नर और पीडब्लूडी के मुख्य अभियंता से की है। उनका कहना है कि अगर मामले की सही जांच नहीं हुई तो वो इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और चीफ जस्टिस से करेंगे। इस हाइवे का निर्माण आगरा के मेयर नवीन जैन की कम्पनी पीएनसी ने किया है और शिकायत से इस कम्पनी पर भी सवालिया निशान लग रहे है। मामले के तूल पकड़ने के बाद पीडब्लूडी विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।

50 करोड़ का हो सकता है घोटाला
बरेली-बदायूं स्टेट हाइवे पर पीडब्लूडी के रिटायर्ड जेई महेश चंद्र पांडेय सवाल खड़ा कर दिया है। उनका कहना है की हाइवे बनाने में खेल किया गया। उन्होंने बताया कि हाइवे बनाते समय पुरानी सड़क को उखाड़कर उसी को रिसाइक्लिंग करके उसी को दोबारा यूज किया गया। ऐसा करने से सड़क की मजबूती और मोटाई कम हो जाती है। उनका कहना है कि इस मामले में करीब 33 अफसरों की गर्दन फंसती नजर आ रही है। रिटायर्ड जेई ने बताया कि इसका पेमेंट पीएनसी कम्पनी को किया गया है इसलिए वो कम्पनी भी इस घोटाले में शामिल है। इस सड़क को बनाने में करीब 244 करोड़ का एस्टीमेट तैयार किया गया था, जबकि सड़क निर्माण में 280 करोड़ रूपये खर्च हुए हैं। अगर मामले की सही जांच हुई तो यहां पर 50 करोड़ का घोटाला निकलने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से करेंगे शिकायत
रिटायर्ड जेई एमसी शर्मा ने बताया कि उन्होंने इस मामले की शिकायत चीफ इंजीनयर पीडब्लूडी और कमिश्नर से की है, लेकिन अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला है। रिटायर्ड जेई का कहना है कि शिकायत के बाद के बाद जिन लोगों को मामले की जांच दी गई है, उन लोगों में उसी वृत्त के अफसरों को शामिल किया गया है, जो घोटाले का हिस्सा हैं। एमसी शर्मा का कहना है कि अगर मामले की सही जांच नहीं हुई तो वो मामले की शिकायत प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री से लेकर चीफ जस्टिस से भी करेंगे।

कमिश्नर ने शुरू की जांच
वहीं इस मामले पर मंडल के कमिश्नर डॉ. पीवी जगनमोहन का कहना है कि इस सरकार में भ्रष्टाचार में ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। ऐसे में अगर घोटाला हुआ है तो घोटालेबाजों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चीफ इंजीनयर पीडब्लूडी को तलब किया है और दस दिनों में रिपोर्ट देने को कहा है।

अखिलेश यादव ने किया था उद्घाटन
सपा सरकार में बरेली बदायूं हाइवे को फोरलेन किया गया था। काम पूरा होने के बाद इस योजना का उद्घाटन करने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव खुद बरेली आए थे और उन्होंने रामगंगा तिराहे पर इस योजना का उद्घाटन किया था।