
पर्यटन स्थल बनेगा महाभारत कालीन अहिच्छत्र, बढ़ेंगी सुविधाएं
बरेली। आंवला तहसील के रामनगर में महाभारत कालीन अहिच्छत्र पर्यटन स्थल बनेगा। इस स्थान को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। जिलाधिकारी ने क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को अहिच्छत्र का प्रस्ताव बना कर शासन को भेजने के निर्देश जारी किए है। पर्यटन स्थल घोषित होने के बाद सरकार यहाँ पर तमाम सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
शुरू हुई तैयारी
अहिच्छत्र पांचाल देश की राजधानी रहा है। वहीं पांचाल जिसका जिक्र महाभारत में आता है और पांडवों की पत्नी द्रौपदी यानी पांचाली यहीं की थी। इससे इस जगह की प्राचीनता का अंदाजा लगाया जा सकता है। अहिच्छत्र के अवशेष यहां अभी भी हैं। यह जगह बरेली शहर से तकरीबन साठ किलोमीटर दूर है। अहिच्छत्र का किला भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण(एएसआई) की निगरानी में है। एएसआई के महानिदेशक कमिश्नर को पत्र लिख कर यहाँ की जमीन के पट्टे दिए जाने पर एतराज भी जता चुके हैं। आंवला के एसडीएम पट्टों की जांच पड़ताल कर रहे हैं। प्रशासन ने अब अहिच्छत्र को पर्यटन स्थल घोषित कराने पर फोकस कर दिया है। पर्यटन स्थल का प्रोजेक्ट बनाने की जिम्मेदारी क्षेत्रीय पर्यटन अधिकारी को दी गई है।
पर्यटन का केंद्र होगा बरेली
आंवला क्षेत्र का रामनगर जैन धर्म के ईष्ट भगवान पार्श्वनाथ की तप स्थली रहा है और यहाँ पर एक भव्य मंदिर भी बना हुआ है। मंदिर में दर्शन के लिए दूर दूर से श्रद्धालु यहाँ पहुंचते हैं। ये क्षेत्र पर्यटन स्थल न होने की वजह से लोगों को काफी परेशानियों का सामना भी करना पड़ता है। इस क्षेत्र को लम्बे समय से पर्यटन स्थल घोषित करने की मांग चली आ रही है और अब प्रशासन ने इसे पर्यटन स्थल घोषित कराने पर फोकस कर दिया है।
Published on:
05 Mar 2020 12:47 pm
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