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मौलाना तौकीर के एक और करीबी की गिरफ्तारी, पेट्रोल बम से पुलिस पर किया था हमला, अब सलाखों के पीछे

आई लव मोहम्मद पोस्टर को लेकर 26 सितंबर को शहर में भड़के बवाल की परतें अब खुलती जा रही हैं। बारादरी थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज हिंसा के एक और अहम आरोपी को दबोच लिया है। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का करीबी और लंबे समय से फरार चल रहा चक महमूद निवासी यूनुस आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया।

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बरेली। आई लव मोहम्मद पोस्टर को लेकर 26 सितंबर को शहर में भड़के बवाल की परतें अब खुलती जा रही हैं। बारादरी थाना पुलिस ने इस सनसनीखेज हिंसा के एक और अहम आरोपी को दबोच लिया है। आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा का करीबी और लंबे समय से फरार चल रहा चक महमूद निवासी यूनुस आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। शनिवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे सीधे जेल भेज दिया गया।

थाना प्रभारी धनंजय पांडे ने बताया कि 26 सितंबर को मौलाना तौकीर रजा समेत 29 लोगों को नामजद करते हुए गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप है कि सैलानी रोड पर जुटी उग्र भीड़ ने सिर तन से जुदा जैसे भड़काऊ नारे लगाते हुए चौकी इंचार्ज और उनकी टीम पर हमला बोल दिया। हालात उस वक्त और विस्फोटक हो गए जब सूचना पर इंस्पेक्टर फोर्स के साथ शहामतगंज पुल के पास पहुंचे।

यहां मौलाना आजाद कॉलेज की ओर से आ रही करीब 200 से 250 लोगों की उन्मादी भीड़ ने पुलिस को दोबारा निशाना बनाया। पथराव के साथ-साथ पुलिस पर पेट्रोल बम फेंके गए, जिससे कई पुलिसकर्मी घायल हो गए। शहर में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया था।

इस पूरे मामले की जांच क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर संजय धीर कर रहे थे। जांच में आठ और नाम सामने आए, जिनमें एक बाल अपचारी भी शामिल है। पुलिस ने तेजी दिखाते हुए बीते शुक्रवार को सभी 38 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल कर दी। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। बरेली में हिंसा फैलाने वाले चेहरों को एक-एक कर बेनकाब किया जा रहा है, और आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।