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विजय अग्रवाल गैंग पर एक और धोखाधड़ी की एफआईआर, अब तक 12 केस, फर्जी चौहद्दी लिखवाकर कब्जे की साजिश

शहर में सक्रिय माफिया विजय अग्रवाल गैंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ज़मीन पर अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े के आरोपों में अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। ताज़ा मामला मोहनपुर स्थित एक ज़मीन को लेकर सामने आया है, जिसमें एसएसपी के निर्देश पर थाना कैंट में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

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विजय अग्रवाल

बरेली। शहर में सक्रिय माफिया विजय अग्रवाल गैंग की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं। ज़मीन पर अवैध कब्जे और फर्जीवाड़े के आरोपों में अब तक 12 मुकदमे दर्ज हो चुके हैं। ताज़ा मामला मोहनपुर स्थित एक ज़मीन को लेकर सामने आया है, जिसमें एसएसपी के निर्देश पर थाना कैंट में छह आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

फर्जी दस्तावेजों से ज़मीन हड़पने का आरोप

जनकपुरी निवासी संजीव अग्रवाल ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी पत्नी मंजू अग्रवाल के नाम से मोहनपुर में दो रजिस्ट्री कराई थीं। इसके बावजूद दिनेश कुमार सिंह (निवासी जागृतिनगर), अमित कुमार (रफियाबाद), अमित सिंह (सुपर सिटी डोहरा रोड), ज्ञानवती (सुर्खा छावनी), रतन चंद्र पाठक, और संजीव अग्रवाल ने मिलकर उसी जमीन को अलग बैनामा कराकर कब्जे की कोशिश की।

चौहद्दी दर्ज करा झगड़े की साजिश

संजीव अग्रवाल के मुताबिक आरोपियों ने जानबूझकर जमीन की चौहद्दी दर्ज कराकर विवाद खड़ा किया। जब भी वे प्लॉट पर निर्माण के लिए जाते, विपक्षी झगड़े पर उतारू हो जाते। इससे उन्हें लगातार परेशानी झेलनी पड़ी।

संपत्ति को ट्रांसफर करने की साजिश

शिकायत के अनुसार, 7 सितंबर 2022 को उक्त विवादित बैनामे विजय अग्रवाल की पत्नी सुधा अग्रवाल के नाम कर दिए गए। इसके बाद सुधा ने जमीन को दानपत्र के जरिये अपने बेटे रितेश अग्रवाल के नाम कर दिया। संजीव ने आरोप लगाया कि यह सब सुनियोजित साजिश के तहत किया गया, ताकि वैध मालिकाना हक को खत्म किया जा सके।

पुलिस कर रही दस्तावेजों की जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने प्रशासन से जमीन की नक्शा व सीमांकन कराने की मांग की है ताकि असली हकदार को उसका अधिकार मिल सके।


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