
बरेली। बहेड़ी थाने में तैनात दरोगा ने आरोपी पक्ष को गिरफ्तारी का डर दिखाकर 50 हजार रुपये की डिमांड की। न देने पर गिरफ्तार कर जेल भेजने की धमकी दी। मामला एंटी करप्शन कार्यालय तक पहुंचा। जिसके बाद दरोगा दीपचंद को रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया गया। दरोगा के खिलाफ देवरनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
जीशान मलिक ने एंटी करप्शन टीम को बताया कि उनके चाचा और भाइयों के विरुद्ध 31 दिसंबर को पिपलिया चाटो गांव निवासी अनीस ने एक झूठा मुकदमा दर्ज कराया था। जबकि उसी दिन उन्होंने भी बहेड़ी थाने में मारपीट करने का शिकायती पत्र अनीस और उसके साथियों के विरुद्ध दिया। मगर बहेड़ी पुलिस ने उस पर कोई एक्शन नहीं लिया। अनीस की ओर से दर्ज मुकदमे की विवेचना कर रहे दारोगा दीपचंद के पास जब जीशान साक्ष्य लेकर पहुंचे तो दारोगा ने कहा कि उनके ऊपर गिरफ्तारी का काफी प्रेशर है यदि गिरफ्तारी से बचना है तो 50 हजार रिश्वत देनी होगी।
जीशान ने असमर्थता जताई तो दारोगा ने धमकाया कि अब सभी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाएगा। मामले की शिकायत जीशान ने एंटी करप्शन के सीओ से की। सीओ ने जांच कराई तो खुलासा हो गया। इसके बाद ट्रैप सेट किया गया। और सोमवार रात उसे 50 हजार रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। उसके आरोपी दरोगा के खिलाफ देवरनिया थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
Published on:
07 Jan 2025 12:42 pm
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