
बरेली। मादक पदार्थ तस्करी के बड़े नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने फतेहगंज पश्चिमी निवासी कुख्यात तस्कर अकरम के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। पिट एनडीपीएस एक्ट के तहत उसकी निरोधक अवधि एक वर्ष के लिए बढ़ा दी गई है। अब अकरम एक साल तक जेल से बाहर नहीं आ सकेगा।
अकरम को 2 जुलाई 2025 को इज्जतनगर पुलिस ने उसके पांच साथियों आसिफ, हारुन, जावेद, राशिद और आदेश तिवारी के साथ गिरफ्तार किया था। उस समय पुलिस ने उनके कब्जे से 3 किलो 526 ग्राम स्मैक बरामद की थी, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब सात करोड़ रुपये आंकी गई थी। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 1.46 लाख रुपये नकद, सात मोबाइल फोन, स्मैक बनाने के उपकरण भी जब्त किए थे। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक स्कूटी और मारुति स्विफ्ट कार भी बरामद की गई थी। इस मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर अकरम को जेल भेज दिया गया था, जहां वह तभी से निरुद्ध है।
पुलिस के अनुसार अकरम पर पूर्व में भी कई मामले दर्ज हैं। वर्ष 2018 में उसे ऊधम सिंह नगर पुलिस ने 252 ग्राम स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था, जिसका मामला अभी न्यायालय में विचाराधीन है। इसके अलावा जुलाई 2024 में फतेहगंज पश्चिमी पुलिस ने पंकज नामक आरोपी से 211 ग्राम स्मैक बरामद की थी। पूछताछ में पंकज ने यह स्मैक अकरम से खरीदने की बात कबूली थी। इस मामले में आरोप पत्र दाखिल हो चुका है और फरवरी 2025 से न्यायालय में सुनवाई चल रही है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अकरम बरेली और आसपास के क्षेत्रों में स्मैक तस्करी के एक संगठित गिरोह का सरगना है। उसके साथ आसिफ, हारुन, जावेद, राशिद और आदेश तिवारी जैसे सहयोगी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। एसएसपी अनुराग आर्य ने बताया कि मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ इसी तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। अपराधियों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा और समाज को नशा मुक्त बनाने के लिए अभियान तेज किया जाएगा।
Published on:
18 Apr 2026 03:48 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
