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अतीक-अशरफ की हत्या के बाद उसके परिवार की महिलाएं ही चला रहीं गैंग, सद्दाम ने किया खुलासा

अशरफ के साले सद्दाम कके पकड़े जाने के बाद कई राज का खुलासा हुआ। पुलिस सूत्रों की मानें तो अशरफ के साले सद्दाम से पूछताछ में कई अहम खुलासे हुए।

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अतीक अहमद।

अतीक अहमद के जेल जाने के बाद उसकी पत्नी शाइस्ता परवीन ने गैंग सभाल लिया। वसूली से लेकर प्रॉपर्टी का काम तक करती थीं। अतीक-अशरफ के हत्या के बाद गैंग के सदस्य अंडरग्राउंड हो गए। पुलिस को इनकी गतिविधियों को जानकारी मिल रही थी। सवाल यहा था कि गैंग का कौन चला रहा है?


पुलिस इसकी जांच कर रही थी। इसी बीच अशरफ के साले सद्दाम को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। पुलिस सूत्रों की मानें तो सद्दाम ने पूछताछ में बताया कि अतीक और अशरफ की हत्या के बाद उनके परिवार की महिलाएं ही गैंग चल रही हैं। वही मुकदमों की पैरवी भी कर रही हैं। इसमें एक अतीक और अशरफ की बहन भी है।

वकील से मिलने और रुपए ‌इकट‍्ठा करने की निभा रही जिम्मेदारी
वकील से मिलने और रुपए इकट्ठा करने की जिम्मेदारी निभा रही हैं। एक और महिला का नाम भी सामने आया है। अतीक की हत्या के बाद उसकी पत्नी शाइस्ता ने मोर्चा संभाला था। उसके फरार होने के बाद अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा सामने आई। मीडिया कर्मियों के सामने आकर जैनब ने अपना पक्ष रखा था लेकिन जब पुलिस ने जैनब और अतीक की बहन आयशा नूरी को आरोपित कर दिया तो कहानी बदल गई। दोनों महिलाएं पुलिस की नजर से दूर हो गईं। इसके बाद से पुलिस को शाइस्ता, आयशा और जैनब की कोई जानकारी नहीं मिली। तीनों महिलाएं कहां छिपी हैं, पता नहीं चला। चर्चा है कि दोनों देवरानी व जेठानी प्रयागराज में ही छिपी हैं।


बरेली जेल के हर कोने से वाकिफ है सद्दाम
केंद्रीय कारागार-2 में बंद सद्दाम वहां के प्रशासन के लिए चिंता का कारण बन गया है। इसकी वजह जेल में सद्दाम का नेटवर्क है। अशरफ से अवैध मुलाकात के दौरान वह जेल के चप्पे-चप्पे से वाकिफ हो गया और अब वह खुद वहां बंद है। साथ ही उसके आठ अन्य अन्य करीबी भी इसी जेल में हैं। इसके चलते अंदरखाने सद्दाम का दूसरे जिले की जेल में ट्रांसफर करने की कवायद शुरू हो गई है।

सद्दाम जेल से है वाकिफ
केंद्रीय कारागार दो में बंद रहने के दौरान माफिया अतीक अहमद के भाई खालिद अजीम उर्फ अशरफ की सारी व्यवस्था उसके साले सद्दाम देखता था। सद्दाम इसके लिए बारादरी की खुशबू कॉलोनी में किराये पर मकान लेकर रह रहा था और जेल में बेरोकटोक आता जाता था। उमेश पाल हत्याकांड के बाद इसका खुलासा हुआ तो बिथरी में अशरफ, सद्दाम, लल्ला गद्दी, जेल की कैंटीन में सामान सप्लाई करने वाला सैदपुर कुर्मियान निवासी दयाराम उर्फ नन्हें और बंदीरक्षक शिवहरि अवस्थी के अलावा अज्ञात जेल कर्मचारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी।


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