27 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

आगरा ISBT पर 10 दिन तक विक्षिप्त बनकर घूमती रही महिला पेशकार, सच्चाई खुली तो उड़ गए होश

UP News: यूपी की ताजनगरी स्थित ISBT यानी इंटर स्टेट बस टर्मिनल पर पिछले दस दिन से हैरान-परेशान सी दिखने वाली महिला बरेली कोर्ट की पेशकार निकली। वह घर से भागकर यहां पहुंची थी। आइए जानते हैं इसकी वजह

2 min read
Google source verification
bareilly_court_peshkar_kamna_singh.jpg

Bareilly Court Mahila Peshkar: उत्तर प्रदेश की ताजनगरी आगरा स्थित इंटर स्टेट बस टर्मिनल पर पिछले दस दिन से एक महिला रही थी। इसकी हालत देखकर लोग उसे मानसिक रूप से विक्षिप्त समझ रहे थे। आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित बस टर्मिनल के कर्मचारियों ने कई बार उससे पूछताछ करने का प्रयास किया, लेकिन पास जाते ही महिला उनके साथ अभद्रता करने लगती थी। ज्यादा कुरेदने पर गाली-गलौच पर उतर आती। दस दिन बाद आगरा पहुंची महिला की बेटी ने उसे पहचाना और उसे गले लगाकर सांत्वना दी। इस दौरान महिला की सच्चाई जानकर लोगों के होश उड़ गए।

दरअसल, आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर रहने वाली महिला बरेली कोर्ट की पेशकार निकली। शनिवार को महिला को उसके बेटी-दामाद लेने पहुंचे। महिला पिछले 10 दिनों से रोडवेज कर्मचारियों के लिए परेशानी बनी थी। वह बैग, अटैची और गैस सिलेंडर के साथ स्टेशन पर ही रह रही थी। रात में अपने बैगों के बीच ही चादर में सो रही थी। पूछताछ करने पर भड़क जाती थी। स्टेशन के सह प्रभारी चंद्रहंस ने बताया कि कई बार रोडवेज कर्मियों ने पूछताछ करने कोशिश की। मगर वह किसी को पास नहीं फटकने दे रही थीं।


स्टेशन के सह प्रभारी चंद्रहंस ने बताया कि किसी तरह रोडवेज कर्मियों ने महिला के मोबाइल से उसकी बेटी का नंबर निकाला। इसके बाद उसे महिला के बारे में सूचना दी गई। शनिवार को दिल्ली में रहने वाली महिला की बेटी और दामाद आगरा पहुंचे। यहां बेटी को देखते ही महिला उससे लिपट गई। महिला की बेटी सोनी ने बताया कि महिला उसकी मां कामना सिंह हैं। वह बरेली के एक कोर्ट में बतौर पेशकार नौकरी करती हैं। साल 2007 में सोनी के पिता की मौत होने के बाद उन्हें यह नौकरी मिली थी। महिला के दो बेटे भी हैं। जिनसे झगड़ा चल रहा है। सोनी ने बताया कि चार-पांच साल नौकरी के बाद मां दिमागी रूप से परेशान रहने लगीं तो उनका इलाज कराया गया।

सोनी का कहना है कि उसकी मां कामना सिंह जब तक दवाएं समय से लेती हैं। तब तक उनकी हालत ठीक रहती है। दवा का असर खत्म होते ही उनका व्यवहार बदल जाता है। वह कुछ दिन पहले बरेली स्थित घर से अचानक गायब हो गई थी। दोनों भाई और वह स्वयं उन्हें ढूंढ रही थीं। रोडवेज कर्मचारियों से बात होने के बाद शनिवार शाम बेटी-दामाद आगरा के ट्रांसपोर्ट नगर स्थित अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (ISBT) पर पहुंचे। इस दौरान भी महिला घर जाने को तैयार नहीं थी। बाद में बेटी के समझाने पर वह उनके साथ गईं। इस दौरान सोनी ने रोडवेज कर्मचारियों का धन्यवाद किया।