16 जनवरी 2026,

शुक्रवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

देश के 18 स्मार्ट शहरों में बरेली का चयन, अब होगा और स्मार्ट, 135 करोड़ मिलेंगे, नगर आयुक्त ने बनाया स्पेशल डेवलपेमेंट प्लान

बरेली। देश के 100 स्मार्ट शहरों में यूपी के दो आगरा और बरेली दों शहरों का चयन किया गया है। बरेली के विकास के लिए 135 करोड़ की धनराशि जारी होगी। नगर आयुक्त निधि गुप्ता वत्स का कहना है कि इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट पर फोकस किया जाएगा। 2018 में बरेली पहली बार स्मार्ट सिटी की सूची में आया था। स्मार्ट सिटी में 980 करोड़ जारी कर 65 परियोजनाएं तैयार की गईं थीं। नगर आयुक्त ने बरेली को और स्मार्ट बनाने के लिए स्पेशल डेवलपमेंट प्लान तैयार किया है।

2 min read
Google source verification
bngj.png

निधि गुप्ता वत्स, नगर आयुक्त बरेली

550 मीट्रिक टन कचरे से निपटना होगा बड़ी चुनौती

550 मीट्रिक टन कचरा बरेली में प्रतिदिन निकलता है। इसमें 250 मीट्रिक टन सूखा कचरा निकलता है। प्लास्टिक कचरा, गत्ता और इलेक्ट्रोनिक वेस्ट बनाने में इस सूखे कचरे का प्रयोग किया जाएगा। इसके निस्तारण के लिए मिनी प्लांट लगा है। 14 वार्डों को जीरो वेस्ट वार्ड बनाने की तैयारी चल रही है। नगर आयुक्त ने बताया कि स्मार्ट सिटी फेज टू में वेस्ट मैनेजमेंट टेक्नोलाजी पर जोर दिया जाएगा। इंटीग्रेटेड वेस्ट मैनेजमेंट को इस बार आधार बनाया गया है। स्मार्ट सिटी मिशन चरण 2.0 प्रतियोगिता में हमने प्रतिभाग किया था। प्रतिस्पर्धा के अंतिम चरण में देश के 18 शहरों में बरेली का चयन हुआ है। वेस्ट मैनेजमेंट थीम पर काम किया जाएगा। सोमवार को वीडियो कांफ्रेंस से बरेली को स्मार्ट सिटी में चयन की घोषणा दिल्ली से की गई।

रि-साइकिलिंग का लगेगा प्लांट, हाइटेक तरीके से उठाया जाएगा कूड़ा

नगर निगम ने गीले कचरे से खाद तैयार करने के लिए नई व्यवस्था तैयार की है। जिस वार्ड में गीला कचरा ज्यादा होगा। वहां रिसाइकिलिंग प्लांट लगाया जाएगा। इससे उसी वार्ड में कचरे का निस्तारण किया जा सके। प्लानिंग के तहत गीले कचरे से खाद बनाने की मशीन लगाई जाएंगी। किस वार्ड में किस तरह का कचरा अधिक मात्रा में निकलता है। उस तरह की मशीनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि वार्ड में ही कचरे का निस्तारण हो सके। मिसाल के तौर पर अगर किसी वार्ड में प्लास्टिक कचरे की मात्रा अधिक है, तो वहां रि-साइकिलिग के लिए प्लांट लगाया जाएगा। इसके अलावा कूड़ा उठाने की हाइटेक व्यवस्था पर फोकस किया जा रहा है। अभी तक लोग वार्डों में सूखा और गीला कचरा एक साथ जमा करते हैं। अब उसको अलग अलग करने की व्यवस्था की जा रही है। इसको लेकर दो एजेंसियों को नगर निगम ने ठेका दिया है। स्मार्ट सिटी टू में बरेली का चयन होने के बाद अब इन सभी मामलों में सुधार होगा। इसके अलावा शहर की सड़कों पर बह रहे सीवर के पानी से भी निजात मिलेगी। शहर के जिन इलाकों में निर्माण और सौंदर्य के कार्य नहीं हो पाए हैं। उन्हें पूरा किया जाएगा।


बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग