
बरेली। मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि भारत सरकार ने अल्पसंख्यकों के हितो का ध्यान रखते हुए ये बजट पेश किया है, पीछले साल के बजट से इस साल के बजट में 500 करोड़ से ज्यादा का बजट पेश किया है, जिससे मुसलमानों की आर्थिक, शिक्षित और समाजिक सुधार आएगा।
केंद्र सरकार संसद में बजट पेश करेगी, और इस सिलसिले में कुछ अहम मुद्दों पर ध्यान देने की जरूरत है। खासतौर पर अल्पसंख्यकों के लिए, क्योंकि हमारा देश आर्थिक सुपरपावर की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यह जरूरी है कि कमजोर तबकों, खासकर अल्पसंख्यकों को आर्थिक, सामाजिक और शैक्षिक रूप से सशक्त बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। हमें उम्मीद है कि भारत सरकार इस क्षेत्र में बेहतरीन बजट पेश करेगी, जिससे अल्पसंख्यकों को मजबूती मिले और वे समाज में और अधिक सशक्त बन सकें। यह बजट उन लोगों के लिए भी होना चाहिए जो दस्तकारी और हस्तशिल्प का काम करते हैं, छोटे-मोटे कारोबार चलाते हैं। ऐसे लोगों को बढ़ावा देने के लिए भी उचित वित्तीय सहायता और योजनाएं होनी चाहिए।
शिक्षा के क्षेत्र में सुधार बेहद जरूरी है, क्योंकि अल्पसंख्यक समुदाय विशेष रूप से शिक्षा के मामले में पिछड़ा हुआ है। इस पिछड़ेपन को दूर करने की जिम्मेदारी सरकार और समाज दोनों की है। इसलिए सरकार को शिक्षा के क्षेत्र में विशेष बजट का प्रावधान करना चाहिए, ताकि अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चे भी बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें और आगे बढ़ सकें। अगर बजट में सही प्रावधान किए जाते हैं, तो यह अल्पसंख्यकों के लिए एक बड़ी राहत होगी और उनके विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
Updated on:
01 Feb 2025 02:27 pm
Published on:
01 Feb 2025 11:14 am
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