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यूपी के इस जिले में अवैध कालोनियों पर चला बीडीए का बुलडोजर, दो निर्माण भी हुए सील

बीडीए की प्रवर्तन टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट क्षेत्र में विकसित की जा रही चार अवैध कालोनियों को ध्वस्त कर दिया। वहीं थाना इज्जतनगर क्षेत्र में दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।
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बरेली

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Avanish Pandey

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Updated: 19 Nov 2025, 6:39 PM IST

बरेली। बीडीए की प्रवर्तन टीम ने बुधवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए कैंट क्षेत्र में विकसित की जा रही चार अवैध कालोनियों को ध्वस्त कर दिया। वहीं थाना इज्जतनगर क्षेत्र में दो अवैध निर्माणों को सील कर दिया गया।

बीडीए उपाध्यक्ष डॉ ए मणिकंदन ने बताया कि कैंट थाना क्षेत्र के मोहनपुर रोड, नकटिया में बिना स्वीकृति विकसित की जा रहीं चार कालोनियों पर प्राधिकरण की टीम ने बुलडोजर चलाया। पहला मामला सद्दाम का है, जिसने करीब 10 बीघा भूमि पर बिना अनुमति भूखंडों का चिन्हांकन, सड़क, नाली और बाउंड्रीवाल बनाकर कॉलोनी विकसित की थी।
इसी तरह ओमपाल ने भी पास ही लगभग 10 बीघा क्षेत्र में अवैध तरीके से कॉलोनी खड़ी कर दी थी। बुद्धवा द्वारा करीब 3 बीघा, जबकि नूर हसन द्वारा लगभग 4 बीघा भूमि पर अवैध कॉलोनी का विकास कार्य कराया जा रहा था। सभी स्थानों पर प्राधिकरण की टीम ने मौके पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।

वहीं, इज्जतनगर थाना क्षेत्र में दो अवैध निर्माणों को टीम ने सील किया। साक्षी पत्नी नितिन कुमार द्वारा मुढ़िया अहमदनगर, मयूर वन चेतना पीलीभीत रोड के पास लगभग 105 वर्गमीटर में बाउंड्रीवाल सहित आवासीय निर्माण किया जा रहा था, जिसे सील कर दिया गया। इसी तरह भूनेश गंगवार द्वारा मठ लक्ष्मीपुर में करीब 150 वर्गमीटर में अवैध निर्माण चल रहा था, जिस पर भी सीलिंग की कार्रवाई हुई। कार्रवाई सहायक अभियंता गजेंद्र पाल शर्मा, अवर अभियंता सुरेंद्र द्विवेदी, अजीत साहनी और प्रवर्तन टीम की मौजूदगी में की गई।

बीडीए ने स्पष्ट किया कि बिना मानचित्र स्वीकृति कराए किसी भी प्रकार की प्लॉटिंग या निर्माण पूरी तरह अवैध है। ऐसे निर्माणों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही लोगों को सलाह दी गई है कि भवन या भूखंड खरीदने से पहले उसकी मानचित्र स्वीकृति की जांच जरूर कर लें, अन्यथा होने वाली कार्रवाई की जिम्मेदारी खरीदार और निर्माणकर्ता की होगी।

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