
बरेली। यूजीसी के कथित काले कानून के विरोध में अखिल भारतीय ब्राह्मण एकता परिषद के बरेली, पीलीभीत सहित कई जिलों के प्रतिनिधि बुधवार को एकजुट हुए। प्रदेश सचिव राजेश दुबे के नेतृत्व में परिषद के पदाधिकारी सेठ दामोदर स्वरूप पार्क पहुंचे और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन में पीलीभीत जिलाध्यक्ष रघुवंश कुमार तिवारी, पूर्व जिलाध्यक्ष प्रकाश दीक्षित, संजीव कुमार, सचिन शर्मा, वंदना पांडे, पूजा दुबे सहित कई पदाधिकारी शामिल रहे। बरेली जिलाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर कानून को वापस लेने की मांग की।
पदाधिकारियों ने सिटी मजिस्ट्रेट पद से इस्तीफा देने वाले अलंकार अग्निहोत्री को समर्थन देते हुए कहा कि यदि यही स्थिति बनी रही तो आगे और भी अधिकारी अपने पदों से इस्तीफा देने को मजबूर होंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि यूजीसी का यह कानून वापस नहीं लिया गया तो आंदोलन और व्यापक रूप लेगा।
प्रदर्शन के दौरान परिषद के पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का बहिष्कार किया जाएगा। साथ ही कानून वापसी तक धरना-प्रदर्शन जारी रखने का एलान किया गया।
बरेली जिलाध्यक्ष अनिल कुमार मिश्रा ने कहा कि यह मुद्दा केवल किसी एक वर्ग या बहन-बेटियों तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि बरेली से आंदोलन का शंखनाद हो चुका है और यह तब तक जारी रहेगा जब तक काले कानून को वापस नहीं लिया जाता।
परिषद के पदाधिकारियों ने प्रदेश और देश के सभी जिलों के अधिकारियों और कार्यकर्ताओं से अपने-अपने क्षेत्रों में यूजीसी के खिलाफ विरोध प्रदर्शन शुरू करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री की तपस्या और संघर्ष को किसी भी हालत में रुकने नहीं दिया जाएगा।
संबंधित विषय:
Published on:
28 Jan 2026 12:56 pm

