
बरेली। शहर में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। शनिवार को दिन का तापमान 40.3 डिग्री सेल्सियस पहुंच गया, जिससे लोगों को लू जैसे हालात का सामना करना पड़ा। चटक धूप और गर्म हवाओं ने दोपहर के समय सड़कों को सूना कर दिया। रविवार सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को बेहाल करना शुरू कर दिया।
शनिवार सुबह भले ही हवा में नमी का स्तर करीब 70 फीसदी रहा, जिससे गर्मी का असर कुछ कम महसूस हुआ, लेकिन दोपहर 12 बजे के बाद हालात बदल गए। नमी घटकर 40 फीसदी रह गई और धूप की तपिश ने लोगों को झुलसाना शुरू कर दिया। राहगीर छांव की तलाश में भटकते नजर आए, जबकि बाइक सवार धूल भरी हवाओं से बचने के लिए मुंह ढककर निकलते दिखे।
दिनभर की तपिश के बाद शाम पांच बजे के बाद मौसम कुछ नरम हुआ और लोगों को राहत मिली। न्यूनतम तापमान भी चार डिग्री बढ़कर 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिससे रात में भी गर्मी का असर बना रहा। आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र के विशेषज्ञ अतुल कुमार के अनुसार, महाराष्ट्र में बने प्रति चक्रवात के असर से आने वाले दो से तीन दिनों में तापमान में और बढ़ोतरी की संभावना है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिलों में दिन के तापमान में करीब दो डिग्री तक की और वृद्धि हो सकती है।
मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले सात दिनों में तापमान में करीब सात डिग्री का उछाल दर्ज हुआ है। 12 अप्रैल को जहां तापमान 34 डिग्री के आसपास था, वहीं 18 अप्रैल को यह 40 डिग्री पार कर गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि तापमान में दो डिग्री और बढ़ोतरी होती है तो अप्रैल में गर्मी का 12 वर्षों पुराना रिकॉर्ड टूट सकता है। जिला अस्पताल के फिजिशियन के मुताबिक, तापमान 40 डिग्री पार पहुंचने पर डिहाइड्रेशन और डायरिया जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों और बुजुर्गों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। उन्होंने सलाह दी कि लोग भरपूर पानी पिएं, ओआरएस, नींबू पानी और छाछ का सेवन करें, दोपहर में घर से बाहर निकलने से बचें और हरी सब्जियों को आहार में शामिल करें।
Published on:
19 Apr 2026 11:52 am
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