
बरेली। खोए मोबाइल की तलाश में दर-दर भटक रहे लोगों के लिए बरेली पुलिस ने ऐसा काम कर दिखाया, जिसने पूरे जिले में सुर्खियां बटोर लीं। करीब 65 लाख रुपये कीमत के 342 मोबाइल फोन बरामद कर पुलिस ने न सिर्फ बड़ी सफलता हासिल की, बल्कि लोगों के चेहरों पर खोई मुस्कान भी वापस लौटा दी। पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम किसी उत्सव से कम नहीं दिखा, जहां अपने-अपने मोबाइल पाकर लोग खुशी से झूम उठे।
कार्यक्रम के दौरान एसपी सिटी मानुष पारीक ने बताया कि इस बड़ी कामयाबी के पीछे पुलिस की सर्विलांस और साइबर टीम की जबरदस्त मेहनत रही। टीम ने तकनीक का ऐसा जाल बिछाया कि अलग-अलग जिलों ही नहीं, बल्कि दूसरे राज्यों से भी मोबाइल ट्रेस कर बरामद कर लिए गए। महीनों की कड़ी निगरानी, डेटा एनालिसिस और लगातार फॉलोअप के बाद यह सफलता हाथ लगी। बरामद मोबाइलों में महंगे स्मार्टफोन से लेकर सामान्य कीपैड फोन तक शामिल हैं, जो इस अभियान की व्यापकता को दिखाता है।
मोबाइल वापस मिलते ही कई लोग अपनी भावनाएं नहीं रोक सके। किसी के फोन में जरूरी दस्तावेज थे, तो किसी के लिए वह परिवार की यादों का खजाना था। एक महिला ने बताया कि उसने फोन मिलने की उम्मीद पूरी तरह छोड़ दी थी, लेकिन पुलिस के कॉल ने उसकी दुनिया ही बदल दी। फोन हाथ में आते ही उसकी आंखों से खुशी के आंसू बह निकले।
मोबाइल लेने पहुंचे लोगों ने बरेली पुलिस की जमकर सराहना की। नागरिकों ने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने मेहनत कर उनके फोन वापस दिलाए हैं, वह काबिले-तारीफ है। लोगों का कहना था कि ऐसी सक्रिय और जिम्मेदार पुलिस व्यवस्था हर जगह होनी चाहिए।
एसपी सिटी मानुष परिक ने साफ कहा कि पुलिस का मकसद सिर्फ अपराधियों पर शिकंजा कसना नहीं, बल्कि आम जनता को राहत देना भी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि मोबाइल खोने पर तुरंत थाने में रिपोर्ट दर्ज कराएं और IMEI नंबर हमेशा सुरक्षित रखें। पुलिस ने यह भी साफ कर दिया कि ‘मिशन मोबाइल’ आगे भी जारी रहेगा और खोए सामान की तलाश में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
Updated on:
04 May 2026 04:42 pm
Published on:
04 May 2026 04:40 pm
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