
बरेली। शहर के पुराने बस अड्डे और सेटेलाइट बस अड्डे पर लगातार बढ़ रहे बसों के दबाव से जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए इज्जतनगर में केंद्रीय कारागार की 2.285 हेक्टेयर भूमि पर परिवहन निगम द्वारा नया बस अड्डा बनाया जा रहा है। करीब 16.72 करोड़ रुपये की इस परियोजना का निर्माण कार्य वर्ष 2023 में शुरू हुआ था, लेकिन तीन साल बाद भी यह परियोजना अधूरी पड़ी है।
परिसर में विहंगम भवन का निर्माण तो पूरा हो चुका है, लेकिन बजट की कमी और तकनीकी अड़चनों के कारण बाकी काम ठप पड़ा रहा। पांच महीने पहले बजट आवंटित होने के बाद भी टेंडर प्रक्रिया में उलझन के चलते निर्माण कार्य दोबारा शुरू नहीं हो सका। पिछले महीने मिट्टी भराव का काम शुरू कराया गया, लेकिन अब डिजाइन में बदलाव का नया पेच फंस गया है।
इज्जतनगर में बनने वाले इस नवीन बस अड्डे की डिजाइन वर्ष 2020 में तैयार की गई थी। उस समय बस अड्डे के सामने की सड़क नीची थी, इसलिए उसी के अनुसार डिजाइन और एस्टीमेट बनाया गया था। निर्माण की जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश स्टेट कंस्ट्रक्शन एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कारपोरेशन लिमिटेड को सौंपी गई थी, लेकिन बजट किस्तों में जारी होने के कारण काम की रफ्तार लगातार धीमी रही।
अगस्त 2023 में पहली किस्त के रूप में तीन करोड़ रुपये जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू हुआ। इसके बाद मार्च 2024 में दूसरी किस्त के रूप में दो करोड़ रुपये मिले, जबकि तीसरी किस्त में 3.90 करोड़ रुपये जारी किए गए। करीब 8.90 करोड़ रुपये की लागत से विहंगम भवन का निर्माण पूरा हो गया, लेकिन आगे का काम बजट के अभाव में रुक गया था। बस अड्डे के परिसर को समतल बनाकर टाइल्स लगाने और फर्नीचर लगाने का कार्य अभी बाकी है। करीब छह महीने पहले शासन से 6.98 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया था, लेकिन अब जाकर परिसर में मिट्टी भराव का काम शुरू हुआ है। भवन में फर्नीचर लगाने का काम अभी तक शुरू भी नहीं हो सका है।
अधिकारियों के अनुसार, बस अड्डे के सामने की सड़क पहले से ऊंची हो चुकी है। ऐसे में पुराने डिजाइन के अनुसार निर्माण करने में तकनीकी दिक्कत आ रही है। इसी वजह से डिजाइन में बदलाव का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। शासन से मंजूरी मिलने के बाद ही आगे का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। कार्यदायी संस्था ने परियोजना को पूरा करने के लिए आगामी जून तक समय बढ़वा लिया है, लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए तय समय में बस अड्डा तैयार होना मुश्किल नजर आ रहा है। अधिकारियों का मानना है कि मौजूदा स्थिति में कम से कम छह महीने और लग सकते हैं।
Updated on:
09 Mar 2026 12:24 pm
Published on:
09 Mar 2026 12:23 pm
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