
पीलीभीत। गोमती नदी को स्वच्छ, निर्मल और अविरल बनाने के संकल्प के साथ शनिवार को पीलीभीत में गोमती दर्शन यात्रा का विधिवत शुभारंभ हो गया। माधोटांडा स्थित गोमती के उद्गम स्थल फुलहर झील में श्रमदान के जरिए स्वच्छता अभियान चलाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लेकर नदी संरक्षण का संदेश दिया।
सुबह शुरू हुए इस अभियान में करीब डेढ़ घंटे तक झील की सफाई की गई। गोमती दर्शन यात्रा की अध्यक्ष श्वेता सिंह और संयोजक अनुराग पांडेय के नेतृत्व में स्वयंसेवकों ने श्रमदान कर झील को साफ किया। लोगों ने कचरा हटाकर जल स्रोत को स्वच्छ बनाने का संकल्प लिया।
सुबह आठ बजे के बाद वन मंत्री अरुण सक्सेना उद्गम स्थल पहुंचे। उन्होंने परिसर का भ्रमण कर झील में पानी की स्थिति, अविरल धारा बनाए रखने के प्रयास और संरक्षण कार्यों की जानकारी ली। संस्था के पदाधिकारियों ने उन्हें पूरी योजना से अवगत कराया। कार्यक्रम में विधायक बाबूराम पासवान और जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह भी शामिल हुए। विधि-विधान के साथ मां गोमती की पूजा-अर्चना की गई और नदी को स्वच्छ बनाए रखने का सामूहिक संकल्प लिया गया। श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली।
कार्यक्रम के दूसरे चरण में शाम को विचार गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा, जिसमें गोमती नदी के संरक्षण, प्रदूषण नियंत्रण और अविरलता बनाए रखने पर विशेषज्ञ और सामाजिक कार्यकर्ता अपने विचार रखेंगे। गोमती दर्शन यात्रा के तहत रविवार से पदयात्रा का शुभारंभ होगा। मां गोमती की पूजा के बाद श्रद्धालु और संस्था के सदस्य शाहजहांपुर के लिए रवाना होंगे। यह यात्रा आगे सीतापुर के नैमिष होते हुए लखनऊ तक पहुंचेगी, जहां विभिन्न चरणों में जनजागरण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
Published on:
28 Mar 2026 05:17 pm
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