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नवाबगंज में जातीय संघर्ष और गैंगवॉर ने बिगाड़ा माहौल, व्यापारी नेता पर हमला और दलित युवक की पिटाई के बाद थानेदार लाइन हाजिर

नवाबगंज में गंगवार समाज की आंतरिक खींचतान अब हिंसक टकराव में बदल चुकी है। बीते दिनों व्यापारी नेता राजीव गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के विरोध में दलित युवक की पिटाई ने क्षेत्र को जातीय तनाव और गैंग संघर्ष के दलदल में झोंक दिया है।

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इंस्पेक्टर राहुल सिंह और अरुण कुमार (फोटो सोर्स: पत्रिका)

बरेली। नवाबगंज में गंगवार समाज की आंतरिक खींचतान अब हिंसक टकराव में बदल चुकी है। बीते दिनों व्यापारी नेता राजीव गुप्ता पर हुए जानलेवा हमले और डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा तोड़ने के विरोध में दलित युवक की पिटाई ने क्षेत्र को जातीय तनाव और गैंग संघर्ष के दलदल में झोंक दिया है।

हालात की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य ने नवाबगंज थाने के प्रभारी निरीक्षक राहुल सिंह को लाइन हाजिर कर दिया है। उनकी जगह सुभाषनगर के थाना इंजार्च अरुण कुमार श्रीवास्तव को नवाबगंज का नया थाना प्रभारी नियुक्त किया गया है। अभी तक सुभाषनगर थाने में किसी की भी तैनाती नहीं हुई है।

व्यापारी नेता पर जानलेवा हमला

20 जून की रात राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के तहसील अध्यक्ष राजीव गुप्ता अपने मित्र कपिल शर्मा का जन्मदिन मनाने के बाद कुछ सहयोगियों के साथ गरगड्या पेट्रोल पंप के पास स्थित एक ढाबे पर चाय पी रहे थे। उनके साथ आशीष गुप्ता, सोनू राठौर और अनिल गुप्ता भी मौजूद थे। उसी समय हाफिजगंज के सुड़ियावा गांव निवासी दिनेश गंगवार और औरंगाबाद के सूरज गंगवार अपने तीन-चार साथियों के साथ वहां पहुंचे और अचानक हमला बोल दिया। हमले में राजीव गुप्ता को गंभीर चोटें आईं। जब उनके साथियों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, तो हमलावर और अधिक आक्रामक हो गए। इस दौरान मौके पर मौजूद एक विधायक के गनर ने कोई कार्रवाई नहीं की, बल्कि वीडियो बनाता रहा। राजीव गुप्ता ने इसे योजनाबद्ध हमला बताते हुए आरोपियों के खिलाफ तहरीर दी है।

अंबेडकर प्रतिमा तोड़ने से भड़का दलित आक्रोश

गंगापुर गांव में बुधवार रात तीन युवकों ने ग्राम समाज की जमीन पर स्थापित डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचाया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई और फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। गुरुवार सुबह प्रतिमा टूटे होने की खबर फैलते ही गांव में भारी संख्या में बाबा साहब के अनुयायी जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।गौरतलब है कि एक माह पूर्व ग्राम समाज की भूमि पर बिना प्रशासनिक अनुमति के यह प्रतिमा स्थापित की गई थी, जिसे लेकर पूर्व से विवाद चल रहा था। पुलिस, एसडीएम और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और भीड़ को समझाकर स्थिति नियंत्रित की।

दलित युवक से मारपीट, जातीय रंग गहराया

प्रतिमा टूटने की घटना के विरोध में पहुंचा एक दलित युवक गंगवार समाज के कुछ लोगों के निशाने पर आ गया। आरोप है कि विरोध करने पर युवक के साथ न सिर्फ मारपीट की गई, बल्कि उसे जातिसूचक शब्द कहे गए और जान से मारने की धमकी भी दी गई। गांव निवासी ताराचंद्र की तहरीर पर पुलिस ने पांच आरोपियों को हिरासत में लिया है। इस घटना से क्षेत्र में तनाव और गहराया है, जिसको देखते हुए पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है।

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