
बरेली। वैसे तो बरेली को नाथ नगरी कहा जाता है, क्योंकि शहर की हर दिशा में भगवान शिव के मंदिर स्थापित है। लेकिन शहर में मां दुर्गा का बहुत ही प्रसिद्ध मंदिर भी स्थित है। जिसे 84 घंटा मंदिर के नाम से जाना जाता है। सुभाषनगर के बदायूं रोड पर स्थित 84 घंटा मंदिर चमत्कारी मंदिर माना जाता है। मान्यता है कि यहां पर दर्शन मात्र से ही सभी लोगों की मन की मुरादें पूरी होती हैं। मुराद पूरी होने पर भक्त देवी मंदिर में घंटा चढ़ाते है। वर्तमान में इस मंदिर में एक लाख एक हजार 264 घंटे हैं।
ऐसे हुआ मंदिर का निर्माण
इस मंदिर का निर्माण 1969 में किया गया था। जिस स्थान पर मंदिर बना है। उसके पास स्वर्गीय उमाशंकर गर्ग ने मकान बनवाने के लिए यहां पर प्लाट लिया था। मकान बनने के लिए जब नींव खोदी जा रही थी तो उमाशंकर की पत्नी स्वर्गीय शकुंतला देवी के सपने में देवी मां आई और उन्होंने मकान बनवाने से पहले मंदिर बनाने की बात कही। शकुंतला देवी ने जब ये बात पति को बताई तो उमाशंकर ने पहले सड़क के किनारे दुर्गा मां के मंदिर का निर्माण कराया। मंदिर में एक ही दिन में 84 घंटे चढ़ाए गए। जिसके कारण मंदिर का नाम 84 घंटा मंदिर पड़ा। तब से लेकर अब तक मंदिर में एक लाख से ज्यादा घंटे चढ़ चुके हैं। यह मंदिर लोगों की आस्था का केंद्र बना हुआ है।
मंदिर में जल रही अखंड ज्योति
देवी मंदिर में 12 अक्टूबर 1969 को ज्योति जलाई गई थी। ये अखण्ड ज्योति अभी तक जल रही है। इसके साथ ही मंदिर में शिव परिवार, बजरंगबली की भी मूर्ति भी स्थापित हैं। मां दुर्गा मंदिर की ख्याति इस कदर फैली कि मंदिर में दर्शन के लिए बरेली ही नहीं कई प्रदेश से लोग यहां आते हैं और मनोकामना पूरी हो जाने पर मंदिर में घंटा चढ़ा जाते हैं।
नवरात्रि में लगता है भक्तों का तांता
वैसे तो 84 घंटा मंदिर में रोज लोग दर्शन के लिए आते हैं, लेकिन नवरात्रि के दिनों में इस मंदिर का नजारा ही कुछ अलग होता है। यहां काफी तादाद में भक्त दर्शन के लिए आते हैं। चैत्र नवरात्र के पहले मां शैलपुत्री की पूजा अर्चना के लिए सैकड़ों भक्त उमड़े। पूरा मंदिर परिसर मां के जयकारों से गूंजयामान हो गया।
Published on:
18 Mar 2018 03:57 pm
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