
हंगामा करते परिजन और अस्पताल में मौजूद पुलिस
बरेली। स्टेडियम रोड स्थित महाजन अस्पताल एक बार फिर सुर्खियों में है। दो हफ्ते पहले छेड़छाड़ के मामले से घिरा यह निजी अस्पताल अब इलाज में लापरवाही के आरोपों से घिर गया है। युवक की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा किया। हालात बेकाबू होते देख पुलिस फोर्स तैनात करनी पड़ी। इस मामले में पीड़ित परिवार ने बारादरी थाने में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है।
फरिदपुर निवासी धारम ने बारादरी थाने में दी तहरीर में आरोप लगाया है कि उनके भतीजे महेंद्र पाल 16 फरवरी को ग्वालियर में सड़क हादसे में घायल हुए थे। वहां प्राथमिक इलाज के बाद 17 फरवरी को उन्हें बेहतर उपचार के लिए बरेली के महाजन अस्पताल में भर्ती कराया गया। परिजनों का दावा है कि 28 फरवरी तक अस्पताल प्रशासन मरीज की हालत सामान्य और स्थिर बताता रहा। डिस्चार्ज की तैयारी कर पूरी रकम जमा करा ली गई। डॉक्टर की सलाह पर एक दिन और रुकने का फैसला किया गया, लेकिन यही एक रात मौत की रात बन गई।
परिवार का आरोप है कि शनिवार देर रात ड्यूटी स्टाफ ने डॉक्टर के निर्देश पर मरीज के हाथ बांध दिए और नाक में नली डाली। नली सही से नहीं डाली गई। विरोध के बावजूद दोबारा कोशिश की गई। कुछ ही मिनटों में महेंद्र की हालत बिगड़ी और फिर वह नहीं रहे। अस्पताल ने मौत का कारण हृदयाघात बताया, लेकिन परिजनों का आरोप है कि भारी-भरकम बिल वसूलने के बाद लापरवाही की गई। जब मेडिकल फाइल मांगी गई तो दस्तावेज देने से इनकार कर दिया गया। मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा। अस्पताल के बाहर और अंदर जोरदार हंगामा हुआ। हालात बिगड़ते देख बारादरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और अतिरिक्त फोर्स तैनात करनी पड़ी। देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा।
यही अस्पताल दो सप्ताह पहले एक छेड़छाड़ प्रकरण को लेकर भी चर्चा में आया था। ICU के बाहर सो रही युवती से कथित तौर पर सुरक्षा गार्ड ने अशोभनीय हरकत की थी। उस मामले में भी मुकदमा दर्ज हुआ, लेकिन कार्रवाई पर सवाल उठे थे। लगातार दो घटनाओं ने अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और इलाज की पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। बारादरी पुलिस का कहना है कि तहरीर प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडे का कहना है कि पीड़ित परिवार की तहरीर मिली थी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई है। शव का पोस्टमार्टम करने के बाद परिवार को सौंप दिया गया है।
महाजन अस्पताल के संचालक राजेश कुमार महाजन ने पूरे घटनाक्रम को निराधार बताया है। उनका कहना है कि इलाज पूरी चिकित्सकीय प्रक्रिया और मानकों के अनुरूप किया गया। मरीज की हालत पहले से गंभीर थी और अचानक कार्डियक अरेस्ट आने से मृत्यु हुई। उन्होंने चार लाख रुपये की वसूली के आरोपों को भी सिरे से खारिज करते हुए कहा कि अस्पताल ने पारदर्शी बिलिंग की है और कोई जबरन वसूली नहीं की गई।
Published on:
01 Mar 2026 09:31 pm
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