
पीलीभीत। माधोटांडा थाना क्षेत्र के सीमावर्ती गांव बूंदी भूड़ में प्रस्तावित शराब की दुकान को लेकर चल रहा विरोध गुरुवार को हिंसक झड़प में बदल गया। शिकायत की जांच करने पहुंची प्रशासनिक, आबकारी और पुलिस टीम की ग्रामीण महिलाओं से कहासुनी हो गई। मामला इतना बढ़ा कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते लाठी-डंडे चलने लगे। बवाल में तहसीलदार का हाथ टूट गया, जबकि दरोगा के पैर में फ्रैक्चर हो गया। छह महिलाओं के घायल होने की भी सूचना है।
गांव में शराब की दुकान खोले जाने का ग्रामीण पिछले करीब 15 दिनों से विरोध कर रहे थे। महिलाओं ने कई बार धरना-प्रदर्शन किया और कलीनगर तहसील पहुंचकर एसडीएम को ज्ञापन सौंपा था। बुधवार को भी महिलाओं का एक समूह जिला मुख्यालय पहुंचा था, जहां उन्होंने जिलाधिकारी से मुलाकात कर गांव से शराब की दुकान हटाने की मांग की थी। ग्रामीणों का कहना था कि गांव में शराब की दुकान खुलने से माहौल खराब होगा और महिलाओं व बच्चों पर गलत असर पड़ेगा।
ग्रामीणों की शिकायत पर जिलाधिकारी के निर्देश पर गुरुवार को कलीनगर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह, आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम गांव में स्थलीय निरीक्षण करने पहुंची थी। अधिकारियों ने ग्रामीण महिलाओं से बातचीत शुरू की, लेकिन इसी दौरान माहौल गर्म हो गया। आरोप है कि सख्ती होने पर महिलाएं भड़क गईं और विवाद बढ़ गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक कुछ ही देर में दोनों ओर से डंडे चलने लगे। गांव में अफरा-तफरी और भगदड़ जैसे हालात बन गए। पुलिस ने किसी तरह प्रशासनिक और आबकारी विभाग की टीम को सुरक्षित गांव से बाहर निकाला। हालात बिगड़ते देख अतिरिक्त पुलिस बल भी बुलाना पड़ा।
मारपीट में कलीनगर तहसीलदार वीरेंद्र सिंह का हाथ टूट गया। वहीं कलीनगर चौकी प्रभारी सैफ अली के पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि चिकित्सकों ने की है। घायल महिलाओं और अन्य लोगों को पहले माधोटांडा सीएचसी ले जाया गया, जहां से कुछ को जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। हंगामे के दौरान आबकारी विभाग की दो गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस और प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
Published on:
07 May 2026 07:00 pm
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