13 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

होम

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

Person of the Week चित्रांश सक्सेनाः गरीब महिलाओं को दी अनचाहे दिनों के दर्द से आजादी

पैड बैंक बनाने के लिए मिला कर्मवीर चक्र अवॉर्ड निःशुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराता है पैड बैंक पैड बैंक ने वेंडिंग मशीन भी लगवाई 15 लोगों की टीम कर रही है जागरूक

2 min read
Google source verification
Person of the Week चित्रांश सक्सेनाः गरीब महिलाओं को दी अनचाहे दिनों के दर्द से आजादी

Person of the Week चित्रांश सक्सेनाः गरीब महिलाओं को दी अनचाहे दिनों के दर्द से आजादी

बरेली। गरीब महिलाओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक करने और उन्हें निःशुल्क सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने वाली संस्था पैड बैंक के संचालक चित्रांश सक्सेना को कर्मवीर चक्र अवार्ड से सम्मानित किया गया है। आईआईटी दिल्ली में 12 अक्टूबर को चित्रांश सक्सेना को सम्मानित किया गया। चित्रांश और उनकी टीम मलिन बस्तियों और ग्रामीण इलाकों में जाकर महिलाओं को मासिक धर्म के प्रति जागरूक करती है और महिलाओं को निशुल्क पैड उपलब्ध कराती है।

मूवी देख कर बनाया पैड बैंक
बरेली के वीर सावरकर नगर कॉलोनी के रहने वाले छात्र चित्रांश सक्सेना और उसके 15 दोस्तों का ग्रुप कुछ नया करना चाहता था। दोस्तों के इस ग्रुप में करीब आठ लड़कियां भी शामिल है। दोस्तों का ये ग्रुप अक्षय कुमार की फिल्म पैड बैंक से इतना प्रभावित हुआ कि इन लोगों ने महिलाओं के लिए पैड उपलब्ध कराने की ठान ली। गरीब महिलाओं को सेनेटरी पैड उपलब्ध कराने के लिए इन लोगों ने जून 2018 पैड बैंक की शुरुआत कर दी। डेलापीर के पास वीर सावरकर नगर में पैड बैंक को खोला गया। इस पैड बैंक में 15 दोस्त है जो इस अनोखे बैंक का काम संभालते है। ये सभी छात्र छात्राएं अलग-अलग कॉलेज में पढ़ाई कर रहे है और अपनी पॉकेट मनी से पैड बैंक चला रहे हैं। अब तक ये टीम 15 हजार से ज्यादा पैड महिलाओं और लड़कियों को उपलब्ध करा चुकी है।

महिला सदस्य करती हैं जागरूक
ये लोग गाँव और शहर के आसपास के इलाके में जाकर महिलाओं और किशोरियों को जागरूक कर सैनेटरी पैड इस्तेमाल करने की सलाह देते है और अगर उनके पास पैड खरीदने के पैसे नही है तो उन्हें निःशुल्क पैड दिए जाते है। महिलाओं और किशोरियों को सेनेटरी पैड के प्रति प्रेरित करने का काम पैड बैंक की लड़कियां बख़ूबी अंज़ाम दे रही है और उन्हें जागरूक भी कर रही है। धीरे धीरे ये बैंक जिले में प्रसिद्ध हो रहा है और इस समय करीब 153 महिलाएं और किशोरियों के इस बैंक में एकाउंट खोले जा चुके है।

वेंडिंग मशीन भी लगाई
पैड बैंक की टीम ने महिला यात्रियों की सुविधा के लिए सैटेलाइट बस अड्डे पर सेनेटरी पैड की वेंडिंग मशीन भी लगवाई है। इस मशीन में पांच रूपये का सिक्का डालने से पैड उपलब्ध हो जाता है। चित्रांश सक्सेना का कहना है कि उनके पैड बैंक की टैग लाइन है स्वच्छ रहेगी बेटी तो स्वस्थ्य रहेगी बेटी और वो और उनकी टीम इसी थीम पर कार्य कर रही है।


बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग