
बरेली। बरेली में अवैध होर्डिंग और रूफ टॉप विज्ञापनों का धंधा जोर-शोर से चल रहा है। शहर की छतों पर लगे विज्ञापनों से एजेंसियों ने लाखों रुपये कमा लिए, लेकिन नगर निगम को बकाया शुल्क का भुगतान करने में आनाकानी कर रही हैं। इस वजह से न केवल नगर निगम को भारी राजस्व नुकसान हुआ है, बल्कि अवैध विज्ञापनों से शहर की खूबसूरती भी प्रभावित हो रही है।
नगरायुक्त संजीव कुमार मौर्य की समीक्षा बैठक में खुलासा हुआ कि नौ विज्ञापन एजेंसियों ने नगर निगम के करीब 35 लाख 75 हजार रुपये का शुल्क जमा नहीं किया है। इन एजेंसियों में मेसर्स एडटैक प्रिंट एंड मीडिया, प्रकाश आर्ट स्टूडियो, प्रकाश पब्लिसिटी लिमिटेड, सेलेवेल मीडिया, एडमेकर, साई एडवरटाइजर्स, इंपैक्ट, क्रिएटिव एडवरटाइज्ड और साई क्रिएशन शामिल हैं।
शुक्रवार को आयोजित समीक्षा बैठक के बाद नगर आयुक्त ने सभी नौ एजेंसियों को बकाया राशि जमा करने के लिए पांच दिनों की मोहलत दी है। इन एजेंसियों को स्पष्ट निर्देश दिया गया है कि यदि निर्धारित समय में शुल्क का भुगतान नहीं किया गया, तो उनकी रूफ टॉप होर्डिंग जब्त कर ली जाएंगी। जब्तीकरण में आने वाला खर्च भी इन्हीं एजेंसियों से वसूला जाएगा।
अवैध होर्डिंग्स और विज्ञापनों ने शहर की सुंदरता को धूमिल कर दिया है। नगर निगम ने इस मुद्दे को गंभीरता से लेते हुए संबंधित एजेंसियों को बार-बार मौखिक चेतावनी और नोटिस भेजे, लेकिन कोई असर नहीं पड़ा।
नगर आयुक्त संजीव मौर्य ने कहा कि यदि एजेंसियां शुल्क जमा करने में असफल रहती हैं, तो न केवल उनकी होर्डिंग्स जब्त की जाएंगी, बल्कि भविष्य में उनके विज्ञापन के अधिकार भी रद्द किए जा सकते हैं। उन्होंने कहा, "शहर को अवैध विज्ञापनों से मुक्त करना प्राथमिकता है।"
Published on:
11 Jan 2025 10:36 am
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