
बरेली। शहर में सीएम ग्रिड परियोजना के तहत चल रहे सड़क चौड़ीकरण अभियान ने कोहाड़ापीर इलाके में तीखा मोड़ ले लिया। कुदेशिया फाटक तक अतिक्रमण चिह्नित करने पहुंची नगर निगम की टीम को कब्जेदारों के विरोध का सामना करना पड़ा। हालात इतने बिगड़े कि नोकझोंक हाथापाई तक पहुंच गई और टीम को बीच में ही कार्रवाई रोककर लौटना पड़ा।
नैनीताल रोड पर निगम की टीम मुश्किल से 100 मीटर तक ही अतिक्रमण चिह्नित कर पाई थी। इस दौरान 20 से अधिक कब्जों पर लाल निशान लगाए गए। जैसे ही निशान लगे, कुछ कब्जेदार भड़क उठे और निगम के नक्शे-मानचित्र पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया।निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच वर्ष 1920-1921 के पुराने नक्शे के आधार पर की जा रही है। इसी आधार पर कई जगह तीन फीट से लेकर 11 फीट तक अतिक्रमण सामने आया है। यही तथ्य सामने आते ही विवाद और तेज हो गया।
कब्जेदारों के समर्थन में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता भी मौके पर पहुंच गए, जिससे माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया। बहस बढ़ते-बढ़ते हाथापाई तक पहुंच गई। हालांकि प्रवर्तन दल और सुरक्षा बलों की सख्ती के बाद स्थिति को काबू में किया गया। कोहाड़ापीर से कुदेशिया फाटक और प्रेमनगर धर्मकांटा तक करीब 2.4 किलोमीटर लंबा मॉडल रोड सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाया जा रहा है। सड़क और फुटपाथ चौड़ीकरण से पहले अतिक्रमण सबसे बड़ी रुकावट बनकर सामने आ रहा है।
मंगलवार को निगम टीम ने कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट तक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की थी। गुरुवार को आगे की कड़ी में राजस्व और निर्माण विभाग की टीम चिह्नितकरण के लिए पहुंची थी, लेकिन विवाद के चलते काम अधूरा रह गया। नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने दो टूक कहा कि अतिक्रमण नियमों के अनुसार ही चिह्नित किए जा रहे हैं और सड़क-फुटपाथ पर कब्जे किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।
उन्होंने बताया कि गुरुवार को ट्रैफिक ज्यादा होने के कारण काम प्रभावित हुआ, जिसे शुक्रवार को पूरा किया जाएगा। एक-दो दिन में पूरे क्षेत्र में अतिक्रमण चिह्नित कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। निगम की सख्ती का असर भी दिखने लगा है। कोहाड़ापीर से लल्ला मार्केट तक कई कब्जेदार अपने अतिक्रमण खुद ही हटाते नजर आए, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में बड़े स्तर पर कार्रवाई तय है।
Published on:
10 Apr 2026 06:47 pm
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