
बरेली जिले से सेनेटरी पैड घोटाले की खबर सामने आई है। जैसे ही सेनेटरी पैड घोटाले की खबर सामने आई। मामला तूल पकड़ता देख सीएमओ ने जांच करने के लिए एक कमेटी गठित कर दी है। एसीएमओ डा. भानू प्रकाश के साथ ही जांच की जिम्मेदारी डीटीओ को भी दी है। कमेटी तीन दिन में जांच की रिपोर्ट सीएमओ को सौंपेगी।
शुक्रवार को सीएमओ ने इस मामले को संज्ञान में लिया। उन्होंने अधिकारियों के साथ मीटिंग की। इसके बाद सेनेटरी पैड घोटाले की जांच के लिए कमेटी गठित की गई। जांच की रिपोर्ट आने के बाद सीएमओ आगे की कारवाई करेंगे।
पूरा मामला क्या है?
बता दें, वर्ष 2020-21 में करीब 23 लाख रुपये के करीब 5.80 लाख सेनेटरी पैड पैकेट खरीदे गए। इन्हें जिले के सभी 15 ब्लाक में बांटना था, लेकिन कोरोना संक्रमण के कारण वह नहीं बंट पाए। वर्ष 2022 में पुराने बजट से खरीदे गए सेनेटरी पैड ही बांटे गए। मगर ब्लाकों पर केवल 1.49 लाख सेनेटरी पैड के पैकेट ही भेजे गए, जबकि खरीद 5.80 लाख सेनेटरी पैड के पैकेट की हुई। लगभग 4.31 लाख सेनेटरी पैड गायब हो गए।
अधिकारी पल- पल के ले रहे अपडेट
आशंका है कि सेनेटरी पैड घोटाले में कई बड़े अधिकारी नप सकते हैं। इस जांच के घेरे में ट्रांसफर हो चुके अधिकारी भी आ सकते हैं। जांच कमेटी बनने के बाद दूसरे जिले के अधिकारी बरेली के अधिकारी से पल पल की अपडेट ले रहे हैं।
वहीं सेनेटरी पैड घोटाले की जांच सीएमओ ने जिन एसीएमओ को दी है। उनके ऊपर लोग सवाल खड़े कर रहे हैं। दरअसल उन्हें पहले भी कई जांचे सौंपी गई हैं। मगर उनकी कोई भी जांच समय से पूरी नहीं हुई। कुछ जांचे तो अभी तक चल ही रही हैं। बीते दिनों हुए फाइलेरिया दवाओं के फेंकने की जांच भी इन्हीं एसीएमओ को दी गई थी। मगर वह अभी तक पूरी नहीं हुई। यही रिकॉर्ड देखकर लोग एसीएमओ पर सवाल खड़ा कर रहे हैं।
Updated on:
01 Apr 2023 04:27 pm
Published on:
01 Apr 2023 04:25 pm
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