
बरेली। एंटी करप्शन टीम द्वारा तीन साल पहले रिश्वत लेते पकड़े गए लेखपाल से बरामद किए गए 10,000 रुपये की हेराफेरी का मामला सामने आया है। आरोप है कि थाने के हेड मोहर्रिर उदयवीर सिंह ने कोर्ट में कटे-फटे नोट जमा कर असली रिश्वत के पैसे बदल दिए। एसपी सिटी की जांच के बाद एसएसपी के आदेश पर हेड मोहर्रिर के खिलाफ शनिवार को नवाबगंज थाने में केस दर्ज किया गया।
12 फरवरी 2021 को एंटी करप्शन टीम ने लेखपाल जयेंद्रपाल सिंह को 10,000 रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। बरामद रकम पांच-पांच सौ रुपये के 20 नोटों में थी। साथ ही लेखपाल के पास से 80,361 रुपये नकद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड और पैन कार्ड भी मिले थे। एंटी करप्शन टीम की इंस्पेक्टर पूजा शर्मा ने इस मामले की रिपोर्ट नवाबगंज थाने में दर्ज कराई थी।
18 मार्च 2021 को मुकदमे से संबंधित बरामद सामान और रकम को एचपीसी पद्म सिंह ने हेड मोहर्रिर उदयवीर सिंह को सौंप दिया था। कोर्ट के आदेश पर 2024 में जब मुकदमे का ट्रायल शुरू हुआ, तो पाया गया कि रिश्वत के असली नोटों को बदलकर कटे-फटे नोट पेश किए गए।
पूछताछ में हेड मोहर्रिर उदयवीर सिंह ने बताया कि नोट चूहों द्वारा कुतर दिए गए थे और अनजाने में उसने उन्हें बदल दिया। हालांकि, एसपी सिटी की जांच में यह स्पष्ट हुआ कि हेड मोहर्रिर ने जानबूझकर यह आपराधिक कृत्य किया और आरोपी को लाभ पहुंचाने की कोशिश की।
एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर एसएसआई रत्नेश कुमार ने शनिवार को हेड मोहर्रिर के खिलाफ नवाबगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया। जांच में यह भी पाया गया कि हेड मोहर्रिर का यह कृत्य न केवल आपराधिक है, बल्कि न्याय प्रक्रिया में हस्तक्षेप का गंभीर मामला है। एसएसपी ने मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन देते हुए कहा कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
घटना: 12 फरवरी 2021 को लेखपाल रिश्वत लेते गिरफ्तार।
बरामद रकम: पांच-पांच सौ रुपये के 20 नोट, कुल 10,000 रुपये।
जांच में खुलासा: नोट बदलकर कटे-फटे नोट पेश किए गए।
अभियुक्त: हेड मोहर्रिर उदयवीर सिंह।
आरोप: आपराधिक कृत्य और आरोपी को लाभ पहुंचाने की साजिश।
Published on:
05 Jan 2025 11:11 am
