
बरेली। कांग्रेस की जिला और महानगर कमेटी को आखिरकार उनके नए नेतृत्वकर्ता मिल गए हैं। गुरुवार रात पार्टी के प्रदेश मुख्यालय से उत्तर प्रदेश के सभी जिलों के जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्षों की सूची जारी कर दी गई। इसमें मिर्जा अशफाक सकलैनी को पुनः जिलाध्यक्ष और वरिष्ठ नेता दिनेश दद्दा को महानगर अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।
दिनेश दद्दा पिछले 44 वर्षों से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं और लगातार पार्टी के लिए कार्य कर रहे हैं।
कांग्रेस ने संगठन को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से दिसंबर 2024 में प्रदेश की सभी जिला और महानगर कमेटियों को भंग कर दिया था। इसके बाद से कार्यवाहक व्यवस्था के तहत काम चल रहा था। लेकिन अब नए जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्षों की घोषणा कर संगठन को फिर से सक्रिय किया गया है।
नए जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्षों की घोषणा के बाद कांग्रेस के भीतर विरोध के स्वर भी सुनाई देने लगे हैं। कांग्रेस नेता पंडित राज शर्मा ने इस फैसले पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि पार्टी ने जिन नेताओं को यह जिम्मेदारी सौंपी है, वह भाजपा को फायदा पहुंचाने वाला कदम हो सकता है। उन्होंने राष्ट्रीय नेतृत्व से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की।
उत्तर प्रदेश में जिला और महानगर अध्यक्षों की नियुक्ति के लिए पार्टी के राष्ट्रीय सचिव और प्रदेश के सह प्रभारी तौकीर आलम ने संबंधित कांग्रेस नेताओं के इंटरव्यू लिए थे। इसके बाद गुरुवार देर रात कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव केसी वेणुगोपाल ने सूची जारी कर दी।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष मिर्जा अशफाक सकलैनी ने कहा कि यह जीत कार्यकर्ताओं की है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने उनके कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें दोबारा इस पद की जिम्मेदारी सौंपी है।
महानगर अध्यक्ष बने दिनेश दद्दा ने कहा कि कांग्रेस के लिए उनके 44 वर्षों के संघर्ष का उन्हें परिणाम मिला है। उन्होंने विश्वास जताया कि वह एक सच्चे सिपाही की तरह पार्टी की सेवा जारी रखेंगे।
नवनियुक्त जिलाध्यक्ष और महानगर अध्यक्ष को कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं से बधाइयां मिल रही हैं। पार्टी संगठन को मजबूत करने के लिए अब दोनों नेताओं पर अहम जिम्मेदारी होगी।
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Updated on:
21 Mar 2025 11:32 am
Published on:
21 Mar 2025 09:35 am
