25 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

रमज़ान में वरदान साबित होगी सिर्फ एक चीज, जानिए क्या!

डॉ. एसई हुदा का कहना 16 घंटे भूखे प्यासे रहने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो जाती है जिससे कमजोरी आती है। ऐसे में सिर्फ एक चीज वरदान साबित होगी।

3 min read
Google source verification
ramzan

ramadan

बरेली। रमज़ान का मुबारक महीना शुरू हो गया है। मई माह में तेज गर्मी के साथ रमज़ान का आगाज़ हुआ है। जैसे-जैसे रोज़े आगे बढ़ेंगे और जून माह में प्रवेश करेंगे वैसे-वैसे गर्मी अपने शबाब पर होगी। सबसे ख़ास बात ये है कि इस बार रोज़े की अवधि लगभग 16 घंटे है यानी 16 घंटे बिना पानी के अपनी नफ़्स को काबू में करके खुदा की इबादत में रहना है। इसके साथ-साथ एक महीना यानी 30 दिन तक अपनी सेहत का भी ख़्याल रखना है ताकि सारे रोज़े मुकम्मल करने में कोई जिस्मानी परेशानी का या स्वास्थ संबंधी किसी समस्या का शिकार न होना पड़े, ताकि रोज़े तर्क न होने पाएं। इस विषय पर मिशन हॉस्पिटल के डायरेक्टर पेन मैनेजमेंट एंड स्पोर्ट्स इंजरी विशेषज्ञ और डाइट एक्सपर्ट एवं माइनारिटी एक्टिविस्ट डॉ एसई हुदा का कहना है कि रमजान माह में गाय के दूध का सेवन किसी अमृत से कम नही है।


शिद्दत की गर्मी पर की रिसर्च
डॉक्टर हुदा का कहना है कि अमूमन देखा गया है कि रमज़ान में लोग खान-पान में गरिष्ठ भोजन का इस्तेमाल ज़्यादा करते हैं, मगर इस बार शिद्दत की गर्मी में पड़ने वाले रमज़ान में यदि आप खान-पान में ज़रा सी चूक कर गए और सावधानी से काम न लिया तो आपको स्वास्थ्य सम्बन्धी बड़ी मुश्किल का सामना करना पड़ सकता है। उनका कहना है कि शिद्दत की गर्मी में पड़ने वाले इस रमज़ान पर उन्होंने एक रिसर्च रिपोर्ट तैयार की है। डॉ. हुदा की रिसर्च रिपोर्ट के मुताबिक यदि हम 16 घंटे भूखे-प्यासे रहकर अल्लाह की इबादत में मशगूल रहते हैं और साथ-साथ 20 रक़त तराबीह की भी ईशा की नमाज़ के बाद अदा करते हैं तो हमारे शरीर में इलेक्ट्रोलाइट-इमबैलेंस हो जाता है और जिस्म के अंदरूनी ऑर्गन की क्रियाशीलता में सामान्य दिनों की अपेक्षा काफ़ी कमी आ जाती है। इस समस्या से निजात पाने के लिये डॉ. हुदा की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे सरल और आसान तरीक़ा गाय के दूध का सेवन है।

कैसे है फायदेमंद
उन्होंने बताया कि गाय के दूध के सेवन से किस प्रकार हमारे शरीर मे 16 घंटे के रोज़े के दौरान आयी न्यूट्रिएंट्स, कैल्शियम और इलेक्ट्रो लाइट की कमी को दूर किया जा सकता है।


1-सुबह सेहरी में एक गिलास गाय के दूध के सेवन से पूरे दिन आपका पेट स्वच्छ रहेगा और गैस सम्बन्धी समस्या का सामना नही करना पड़ेगा।

2-गाय के दूध में वसा (फैट) की मात्रा बहुत कम होने की वजह से हार्ट संबंधी समस्या से ग्रसित रोज़ेदारों को भी रोज़े रखने में कोई दिक्कत नही आएगी।

3- गाय के दूध में कैल्शियम प्रचुर मात्रा में होने से अफ्तार के बाद और तराबीह से पहले अगर एक ग्लास हल्क़ा ठंडा दूध ले लिया जाए तो घुटनों, कमर और टखनों के दर्द से दूर रहेंगे।

4-गाय के दूध में ओमेगा-3 फैटी एसिड होने की वजह से कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहेगा और पूरे दिन थकान महसूस नहीं होगी।

5-अक्सर डायबिटीज के मरीज़ रोज़े रखने से परहेज़ करते हैं, मगर गाय के दूध के सेवन से ख़ाली पेट होने के बावजूद भी शुगर लेवल नियन्त्रित रहेगा। अपेक्षाकृत डायबिटीज के मरीजों को गाय का दूध पहले से पीने की आदत हो तो बेहतर है।

6-गाय के दूध में प्रचुर मात्रा मे प्रोटीन होने के कारण मांसाहारी भोजन से बचा जा सकता है जिससे शरीर मे प्रोटीन की कमी भी पूरी होगी और वज़न भी नही बढ़ेगा।

7-गाय के दूध में विटामिन ई, सेलेनियम और जिंक भरपूर मात्रा में पाया जाता है इनके सेवन से 16 घंटे के रोज़े की कमज़ोरी का एहसास नहीं होगा और रोज़ेदार तरोताज़ा महसूस करेगा।बब्लड प्रेशर भी नियंत्रित रहेगा।

8-अफ्तार के वक़्त गाय के दूध को मिल्क शेक की तरह इस्तेमाल करने से शरीर को इंस्टेंट एनर्जी प्राप्त होती है।

बड़ी खबरें

View All

बरेली

उत्तर प्रदेश

ट्रेंडिंग