
बरेली। जिले में एक बार फिर कुत्तों का आतंक बढ़ रहा है। एंटी रेबीज वैक्सीन लगवाने के लिए जिला अस्पताल में काफी तादात में लोग पहुंच रहें है। अप्रैल माह में ही करीब 200 लोगों को कुत्तें और बन्दर अपना शिकार बना चुके हैं। कुत्तों के हमले ज्यादातर बच्चों पर ही हो रहे हैं। अस्पताल में काफी तादात में बच्चे पहुंच रहें है। बावजूद इसके प्रशासन हाथ पर हाथ रखे बैठा है, जबकि इसके पहले भी बरेली के ग्रामीण इलाकों में कुत्तों के हमलों में करीब एक दर्जन बच्चे मौत के मुंह मे समा चुके हैं।
गर्मी में बढ़ गए हमले
डाक्टरों का मानना है कि गर्मियों में कुत्ते और बन्दर आक्रमक हो जाते हैं, जिसकी वजह से अप्रैल से जून माह तक कुत्तों और बंदरों के हमले बढ़ जाते हैं। इन पर रोक तभी लग सकती है जब इन्हें पकड़ा जाए।
बच्चे बने निशाना
पिछले एक माह में कुत्तों और बंदरों ने ज्यादातर बच्चों को ही निशाना बनाया है। रिकार्ड के अनुसार करीब 80 प्रतिशत 15 साल से छोटे बच्चों को ही वैक्सीन लगाई गई है। मंगलवार को भी विवेक, जयप्रकाश और जीशान समेत कई बच्चे वैक्सीन लगवाने जिला अस्पताल पहुंचे।
ठप पड़ गया अभियान
बच्चों की मौत के कुछ दिनों तक तो प्रशासन सक्रिय रहा और आवारा कुत्तों को पकड़ा गया, लेकिन समय बीतने के साथ ही प्रशासन का अभियान ठप हो गया है, जिसके कारण एक बार फिर जिले में आवारा कुत्तों का आतंक बढ़ गया है।
बंदर भी कर रहे हमला
कुत्तों के साथ शहर में बंदरों का भी आतंक बढ़ गया है। शहर के कई स्थानों पर बंदरों का झुंड लोगों को काफी नुकसान पहुंचा रहे है। बंदरों से डर कर भागने में कई जगहों पर बच्चे छत से गिर कर घायल भी हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम ने बंदरों और आवारा कुत्तों को पकड़ने का कोई इंतजाम नहीं किया है।
Published on:
17 Apr 2018 04:13 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
Copyright © 2026 Patrika Group. All Rights Reserved.
