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बरेली में 9.20 लाख परिवारों को रोजगार, मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में 10,376 हुईं शादियां, करें आवेदन

गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए चल रही योजनाओं का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनपद में रोजगार, आवास, कौशल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं ने लाखों परिवारों की जिंदगी बदल दी है।

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बरेली। गरीब, श्रमिक और वंचित वर्ग को मुख्यधारा में लाने के लिए चल रही योजनाओं का असर अब जमीन पर साफ दिखने लगा है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में जनपद में रोजगार, आवास, कौशल और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी योजनाओं ने लाखों परिवारों की जिंदगी बदल दी है। आंकड़े बताते हैं कि सरकारी प्रयास अब सीधे गरीब के घर तक पहुंच रहे हैं।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना के तहत अब तक जनपद में 7650 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है। इस योजना ने पारंपरिक कारीगरों को न सिर्फ पहचान दी, बल्कि उन्हें रोजगार के नए अवसर भी दिए। छोटे कारीगर अब स्वरोजगार की ओर बढ़ रहे हैं। उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन के तहत इलेक्ट्रीशियन, ब्यूटीशियन, हेल्थ केयर, रिटेल और सिलाई जैसे ट्रेडों में 36,461 युवाओं को प्रशिक्षण दिया गया। इनमें से 18,777 युवाओं को रोजगार भी मिल चुका है। समाज कल्याण विभाग की मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत जनपद में 10,376 जोड़ों का विवाह कराया गया। जिस पर 5408.84 लाख खर्च किए गए। इससे गरीब परिवारों को बड़ी राहत मिली और सामाजिक सुरक्षा मजबूत हुई।

मत्स्य पालन में बढ़ा सहारा, लाखों का अनुदान

मत्स्य विभाग की योजनाओं ने भी गरीब मछुआरों को आर्थिक मजबूती दी है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत 107 मत्स्य पालकों को 431.32 लाख का अनुदान मिला। मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना में 28 लाभार्थियों को 30.57 लाख दिए गए। इससे गांव देहात के तालाब और पोखरों में मछली पालन कर आजीविका और स्वरोजगार का स्रजन किया गया।
निशादराज बोट सब्सिडी योजना में 6 मत्स्य पालकों को 1.73 लाख का अनुदान योगी सरकार की ओर से दिया गया।

9.20 लाख परिवारों को रोजगार, स्वयं सहायता समूहों से जुडीं 1.47 लाख महिलाएं

ग्राम्य विकास विभाग की मनरेगा योजना के तहत 9,20,097 परिवारों को रोजगार दिया गया। इनमें से 29,115 परिवारों को 100 दिन का पूरा रोजगार मिला। इस योजना में 96,100.68 लाख खर्च कर 3890 तालाब, 181 खेल मैदान और 298 आंगनबाड़ी केंद्र बनाए गए, जिससे ग्रामीण ढांचे को मजबूती मिली। बरेली जिले में 13,999 स्वयं सहायता समूह गठित किए गए हैं, जिनमें 1,47,622 महिलाएं जुड़ी हैं। ये समूह अब ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनते जा रहे हैं और महिलाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

हर गरीब को छत: 21 हजार से ज्यादा घर बने

प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 19,818 आवास बनाकर 23,781 लाख खर्च किए गए, जबकि मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत 2,084 घर बनाकर 2,508 लाख की राशि खर्च की गई। इससे हजारों परिवारों को पक्की छत मिली। पंचायती राज विभाग द्वारा जनपद में 25 पंचायत भवन, 1,188 सामुदायिक शौचालय और 92,895 व्यक्तिगत शौचालय बनाए गए। इससे स्वच्छता और ग्रामीण जीवन स्तर में बड़ा सुधार हुआ है।

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