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कलेक्ट्रेट पर गरजे रोजगार सेवक, राज्य कर्मचारी का दर्जा दिलाने की मांग

बरेली। ग्राम रोजगार सेवक एकता संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम को सौंपा। राज्य कर्मचारी का दर्जा ग्राम रोजगार सेवकों को देने समेत आठ मांग की गई है।

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2212 रुपये 22 माह बाद भी ईपीएफ के यूएएन के खाते में जमा नहीं किया

समिति के मंडल अध्यक्ष गंगादीन कश्यप ने ज्ञापन में बताया गया कि लखनऊ में मनरेगा कर्मियों के सम्मेलन में घोषणाएं की गई। इसमें शासन स्तर पर उचित निर्णय नहीं लिया गया। संगठन के माध्यम से कई बार कई स्थानों पर अवगत कराया गया। वर्तमान में 7788 रुपये मानदेय मिल रहा है लेकिन 2212 रुपये 22 माह बाद भी ईपीएफ के यूएएन के खाते में जमा नहीं किया गया। इस कारण मनरेगा कर्मियों की मृत्यु पर उसके आश्रित को कोई लाभ नहीं मिल पाता। आश्रित को उसी पद पर समायोजन करने की मांग की है।

रिक्त ग्राम पंचायतों में भी कार्य लेने की मांग

ग्राम रोजगार सेवकों से मूल ग्राम पंचायतों के साथ रिक्त ग्राम पंचायतों में भी कार्य लेने की मांग की है। जॉब चार्ट में अन्य कार्य जोड़ने के संबंध में 18 नवंबर 2021 को कई बार रिमांडर शासन को भेजा गया इसके अंतर्गत चार विभागों के कार्य जोड़ने थे लेकिन सिर्फ प्रधानमंत्री आवास व मुख्यमंत्री आवास की जियो टैग के ही कार्य जोड़े गए है। अन्य कार्यो को भी जॉब चार्ट में जोड़ने और बकाया मानदेय देने की मांग की गई है।