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फर्जी आधार, सीसीटीवी फुटेज और धर्म की आग: बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर हमले की जांच में खुले नए सबूत

बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर 11 और 12 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद बरेली पुलिस से लेकर एसटीएफ तक ने मोर्चा संभाला और अब इस केस की परतें खुलती जा रही हैं। जांच में फर्जी आधार कार्ड, सीसीटीवी फुटेज और धार्मिक रंग देने वाले गैंगस्टर पोस्ट जैसे नए एंगल सामने आए हैं।

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बरेली। बॉलीवुड अभिनेत्री दिशा पाटनी के घर पर 11 और 12 सितंबर को हुई ताबड़तोड़ फायरिंग ने पूरे प्रदेश में सनसनी फैला दी थी। घटना के बाद बरेली पुलिस से लेकर एसटीएफ तक ने मोर्चा संभाला और अब इस केस की परतें खुलती जा रही हैं। जांच में फर्जी आधार कार्ड, सीसीटीवी फुटेज और धार्मिक रंग देने वाले गैंगस्टर पोस्ट जैसे नए एंगल सामने आए हैं।

तीन हजार सीसीटीवी खंगालकर बना रोडमैप

एसएसपी अनुराग आर्य के नेतृत्व में एसपी सिटी मानुष पारीक, सीओ आशुतोष शिवम्, इंस्पेक्टर कोतवाली अमित पांडे, सर्विलांस टीम और एसओजी ने घटना के तुरंत बाद बरेली शहर से लेकर सीमाई इलाकों तक जाल बिछा दिया।
पुलिस ने तीन हजार से ज्यादा सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें बदमाशों की आवाजाही, ठहराव और रेकी के सुराग मिले। इन्हीं फुटेज और साक्ष्यों के आधार पर बदमाशों का पूरा रोडमैप तैयार किया गया। नतीजा यह रहा कि बरेली पुलिस की इनपुट पर यूपी एसटीएफ, दिल्ली पुलिस और हरियाणा एसटीएफ ने मिलकर गाजियाबाद के ट्रॉनिका सिटी में मुठभेड़ कर दो शूटरों को ढेर कर दिया।

मुठभेड़ में दो शूटर ढेर, गैंग पर कसा शिकंजा

17 सितंबर की शाम ट्रॉनिका सिटी, गाजियाबाद में हुई मुठभेड़ में हरियाणा निवासी रविंद्र और अरुण को मार गिराया गया। दोनों गोल्डी बराड़-रोहित गोदारा गिरोह के सदस्य थे और दिशा पाटनी के घर पर फायरिंग के दौरान शामिल थे। पुलिस अब फरार शूटर नकुल और विजय तोमर समेत गैंग के बाकी गुर्गों की तलाश में जुट गई है। बरेली पुलिस का दावा है कि जल्द ही इनका भी काम तमाम कर दिया जाएगा।

फर्जी आधार और होटल में ठहराव का खुलासा

जांच में साफ हुआ कि बदमाश 9 सितंबर की रात बरेली पहुंचे और 10 सितंबर को पूरे दिन रूट की रेकी की। इस दौरान उन्होंने फर्जी आधार कार्ड से होटलों में कमरा बुक कराया और रजिस्टर में मोबाइल नंबर भी गड़बड़ लिखे। सीसीटीवी में वे पेट्रोल पंप पर बाइक में ईंधन भरवाते और होटल में ठहरते हुए भी पकड़े गए।

धर्म का सहारा लेकर दहशत फैलाने की कोशिश

गोल्डी बराड़ गिरोह ने फायरिंग की जिम्मेदारी सोशल मीडिया पर ली और इसे “Sanatan के खिलाफ हमला” बताया। पुलिस का मानना है कि गैंग ने युवाओं को भड़काने और समर्थन जुटाने के लिए धार्मिक एंगल का सहारा लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने घटना के तुरंत बाद दिशा पाटनी के पिता रिटायर्ड डीएसपी जगदीश पाटनी से फोन पर बात की और परिवार को सुरक्षा का भरोसा दिलाया।

रेकी से एनकाउंटर तक, बरेली पुलिस की रणनीति सफल

बरेली पुलिस ने सिर्फ घटना के बाद दबाव नहीं बनाया, बल्कि हमले से पहले ही होटलों, बाइक रूट और सीसीटीवी फुटेज के जरिए बदमाशों की रेकी की पुष्टि की। इसी रणनीति से एसटीएफ को आरोपियों का ठिकाना मिला और गाजियाबाद में ऑपरेशन कर गिरोह के दो शूटरों का सफाया किया गया।
अब पुलिस का अगला टारगेट फरार शूटर नकुल और विजय हैं। एसटीएफ और बरेली पुलिस दावा कर रही है कि जल्द ही इस गैंग का पूरा नेटवर्क ध्वस्त कर दिया जाएगा।

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