बरेली। दरोगा भर्ती परीक्षा में सेंध लगाने की कोशिश पुलिस ने नाकाम कर दी है। शारीरिक दक्षता परीक्षा में फर्जी बायोमेट्रिक्स की सहायता से परीक्षा में शामिल होने वाले मुन्ना भाई को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़ा गया मुन्ना भाई किसी दूसरे के अंगूठे का क्लोन अपने अंगूठे में लगाकर परीक्षा में शामिल होने पहुंचा था, लेकिन ऐन वक्त पर उसके अंगूठे से क्लोन निकल गया, जिसके कारण ये अभ्यर्थी पुलिस की पकड़ में आ गया। मुन्ना भाई की इस करतूत से पुलिस कर्मी भी हैरान रह गए।
ऐसे आया पकड़ में
एसएसपी कलानिधि नैथानी ने शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस कर बताया कि दरोगा भर्ती परीक्षा में बागपत के जेडवरा गांव के तरुण कुमार को पकड़ा गया है, जिसने पुलिस में दरोगा के पद पर भर्ती होने के लिए 16 लाख रूपये दिए थे। इसकी लिखित परीक्षा दिसम्बर 2017 में परीक्षा मेरठ में हुई थी, जिसमें तरुण की तरफ से दिल्ली निवासी सचिन कुमार नामक सॉल्वर ने परीक्षा दी थी, जिसमें वह पास भी हो गया था। लिखित परीक्षा के वक्त पंचिंग मशीन पर उपस्थित अभ्यर्थियों के अंगूठे के निशान लिए गए थे। बरेली में तरुण फिजिकल एग्जाम देने आया था। तरुण के पास सचिन के अंगूठे का क्लोन था। तरुण ने जैसे ही बायो मैट्रिक मशीन पर अपना अंगूठा लगाया तो उसके अंगूठे में लगा क्लोन पसीने की वजह से छूट गया और पुलिस ने फ़ौरन उसे गिरफ्तार कर लिया।
दो साथियों की तलाश
एसएसपी कलानिधि नैथानी का कहना है कि तरुण के खिलाफ आईपीसी की धारा 420, 467,468 और 471 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है और उसे जेल भेजा जा रहा है वही इसके दो साथी बसन्त और सचिन की तलाश की जा रही है।