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500 रुपये में बिक रही थी एसएसपी, सीएमओ और डीआईओएस के नाम की नकली मुहरें, आर्मी इंटेलीजेंस और पुलिस ने किया गिरफ्तार

कोतवाली पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली मुहर बनाने और बेचने के धंधे का भंडाफोड़ किया है।

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बरेली। कोतवाली पुलिस ने आर्मी इंटेलिजेंस के इनपुट पर बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली मुहर बनाने और बेचने के धंधे का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इंद्रा मार्केट से आरोपी अमानुद्दीन को दबोचा, जिसके पास से 34 गैर-सरकारी और 10 सरकारी मुहरें, कई प्रिंटआउट, फिंगरप्रिंट और अन्य दस्तावेज बरामद किए गए।

आर्मी इंटेलिजेंस से मिली थी सूचना

पुलिस को आर्मी इंटेलिजेंस से जानकारी मिली कि कोतवाली क्षेत्र का एक युवक सरकारी और गैर-सरकारी संस्थानों की नकली मुहर बनाकर बेच रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और इंद्रा मार्केट में ग्राहकों का इंतजार कर रहे आरोपी को रंगे हाथ पकड़ लिया।

बरामद हुई संवेदनशील विभागों की मुहरें

जांच में आरोपी के पास से आर्मी रिक्रूटमेंट ऑफिस, सैन्य छावनी कैंट बोर्ड बरेली, मुख्य चिकित्सा अधिकारी गौतमबुद्ध नगर, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बरेली, जिला विद्यालय निरीक्षक, प्रधानाचार्य उच्च प्राथमिक विद्यालय इटैडा (विसरख, गौतमबुद्ध नगर), सचिव ग्राम पंचायत सहित कई विभागों की नकली मुहरें मिलीं।

घर पर बनाता था फर्जी मुहरें

पूछताछ में आरोपी अमानुद्दीन, निवासी बड़ा पुल, कोतवाली थाना क्षेत्र ने बताया कि उसने बरेली कॉलेज से बी.कॉम किया है और कुतुबखाना में मोहर बनाने का काम करता था। पत्नी की मौत के बाद वह मोटी कमाई के लालच में नकली मुहर बनाने और बेचने लगा। वह घर पर लगी मशीन से असली मुहर की हूबहू नकली कॉपी तैयार कर लेता और ₹500 से ₹1000 तक में बेच देता।

जेल भेजा गया आरोपी

इंस्पेक्टर कोतवाली अमित पांडे ने बताया कि आरोपी पहले असली ग्राहक के लिए स्टांप या मुहर बनाता और फिर उसकी कॉपी अलग से तैयार कर लेता। यह नकली मुहरें वह संदिग्ध व्यक्तियों को ऊंची कीमत पर बेचता था। फिलहाल, आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और उसके नेटवर्क की जांच जारी है।

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