
बरेली। जिले में उर्वरकों की कालाबाजारी और संदिग्ध भंडारण के खिलाफ प्रशासन ने बड़ा एक्शन लिया है। हरुनगला क्षेत्र में प्रवर्तन दल और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में एक परिसर से भारी मात्रा में उर्वरक बरामद किए गए, जहां मालिक किसी भी प्रकार का वैध बिल या इनवॉइस नहीं दिखा सका। कार्रवाई के बाद पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
जिला कृषि अधिकारी ऋतुषा तिवारी के नेतृत्व में प्रवर्तन दल और पुलिस बल ने हरुनगला स्थित एक परिसर पर अचानक छापा मारा। जैसे ही टीम मौके पर पहुंची, वहां उर्वरकों का बड़ा भंडार मिला, जिसे देखकर अधिकारियों की भी आंखें चौंधिया गईं। मौके पर मौजूद सुरेंद्र कुमार और उसका साथी बबलू किसी भी दस्तावेज को प्रस्तुत नहीं कर सके, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया।
जांच के दौरान पाया गया कि परिसर में माइक्रो न्यूट्रिएंट, एमओपी और फेरस सल्फेट जैसे उर्वरक भारी मात्रा में रखे गए थे, लेकिन इनकी खरीद से संबंधित कोई वैध कागजात उपलब्ध नहीं थे। यही नहीं, स्टॉक की स्थिति और मात्रा ने भी अधिकारियों को बड़े पैमाने पर अनियमितता की ओर इशारा किया।
संदेह गहराने पर मौके पर ही उर्वरकों के नमूने भरे गए। यह पूरी प्रक्रिया परिसर स्वामी, पुलिस बल और प्रवर्तन टीम की मौजूदगी में की गई। अब इन नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है, जहां यह तय होगा कि उर्वरक मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।
कार्रवाई के दौरान परिसर में मौजूद सभी उर्वरकों को जब्त कर सील कर दिया गया। साथ ही चौकी प्रभारी रुहेलखंड को सुरक्षा के लिहाज से पूरे परिसर की अभिरक्षा सौंपी गई है। इस कार्रवाई ने इलाके में उर्वरक कारोबार से जुड़े लोगों में खलबली मचा दी है।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि मामले में जिलाधिकारी की अनुमति लेकर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। यदि जांच में अनियमितता या मिलावट की पुष्टि होती है, तो दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
जिला कृषि अधिकारी ने साफ कहा कि उर्वरक से जुड़े किसी भी प्रकार के फर्जीवाड़े या अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जिलाधिकारी के निर्देशन में यह अभियान लगातार जारी रहेगा और दोषियों को हर हाल में कानून के दायरे में लाया जाएगा।
Published on:
23 Mar 2026 01:35 pm
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