
बरेली।शहर के स्मार्ट वार्डों की तरह अब बरेली के इन चार गांवों की किस्मत बदलने वाली है। शहर से जुड़े होने के बाद भी यह बदहाली के आलम में जी रहे हैं। इन गांवों को नगर निगम में शामिल किया जाएगा। मेयर डॉक्टर उमेश गौतम ने इसको लेकर 15 अगस्त के बाद बैठक बुलाई है। इसमें इन गांवों को नगर निगम में शामिल करने के प्रस्ताव पर मुहर लगाई जाएगी।
एक लाख से अधिक आबादी वाले गांव को मिलेंगी शहरी सुविधाएं
करेली, करगैना, डोहरा और धौरेरामाफी जल्द ही नगर निगम का हिस्सा बनेंगे। नगर निगम बोर्ड इन गांवों को नगर निगम में शामिल करने की योजना बना रहा है। इससे एक लाख से अधिक आबादी को शहरी सुविधाएं मिल सकेंगी। लंबे समय से शहरी क्षेत्र से जुड़े होकर भी नगर निगम का हिस्सा नहीं बनने को लेकर धौरेरामाफी, करगैना व डोहरा व करेली क्षेत्र के लोग अलग-अलग स्तर पर मांग करते रहे हैं। इसको लेकर नगर निगम बोर्ड ने पूर्व में धौरेरा माफी, डोहरा, करगैना का प्रस्ताव स्वीकृत किया था। शासन से स्वीकृति का इंतजार किया जा रहा है। अब नगर निगम बोर्ड इन तीनों ग्राम पंचायतों का फिर से प्रस्ताव शासन को भेजने जा रहा है। इसके साथ ही अब करेली को भी निगम में शामिल करने का प्रस्ताव आगामी बोर्ड बैठक में करने का निर्णय लिया है।
लक्ष्मीनारायण व घेर-शेख मिठ्ठू का नया नाम खान बहादुर खान
शहर में नगर निगम बोर्ड ने पहली बैठक में ही कई ऐसे वार्ड जिनका कोई ऐतिहासिक, धार्मिक व प्राचीन आधार नहीं था उनके नाम परिवर्तित किए थे। अब 15 अगस्त के बाद प्रस्तावित बोर्ड बैठक में वार्ड 74 घेर-शूख मिठ्ठू और वार्ड-66 बजरिया पूरनमल और एक अन्य वार्ड को स्थानीय स्वतंत्रता संग्राम सेनानी और धार्मिक व प्राचीनता को समेटे नाम से पहचान देने की तैयारी है। घेर-शेख मिठ्ठु को महान स्वतंत्रा संग्राम सेनानी और रूहेला सरदार खान बहादुर खान और बजरिया पूरनमल को श्रीलक्ष्मीनारायण के नाम से नई पहचान दिए जाने की तैयारी चल रही है। महापौर डा. उमेश गौतम ने बताया कि करेली को भी शहर का दर्जा मिले इसके लिए बोर्ड में मंथन किया जाएगा। यहां के लोगों की ओर से लगातार प्रस्ताव दिया जा रहा है।
Published on:
07 Aug 2024 11:17 am
