
बरेली। एक ही प्रॉपर्टी को दो बैंकों में बंधक बनाकर धोखेबाजों ने लाखों का लोन ले लिया। इसके बाद लोन की किस्त जमा नहीं की। एसएसपी के आदेश पर शाखा प्रबंधक ने धोखाधड़ी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।
बैंक ऑफ़ इंडिया से लिया था 24 लाख का लोन
बैंक ऑफ़ इंडिया हिंद सिनेमा शाखा प्रबंधक अमन गर्ग ने बताया कि मोहम्मद अजीम, फजलुर रहमान, मुजफ्फर हुसैन, नियाजी बेगम से एक अगस्त 2017 को परतापुर जीवन सहाय में 150. 50 वर्ग मीटर मकान खरीदा था। इसको लेकर 24 लाख का लोन लिया था। चार अगस्त को लोन स्वीकृत हो गया। लोन की किस्ते न चुकाने पर बैंक ने 30 जून 2019 को खाता एनपीए घोषित कर दिया था।
बैंक ने कराई जांच तो हुआ फर्जीबाड़े का खुलासा
शाखा प्रबंधक ने बताया कि खाता एनपीए घोषित होने के बाद जब बैंक ने पूरे मामले की जांच कराई तो पता लगा कि अजीम ने लोगों के साथ मिलकर बैनामा गलत प्रॉपर्टी का कराया था जिस प्रॉपर्टी को बंधक बैंक में बनाया गया। वह फजलुर रहमान के कब्जे में है। फजलुर रहमान और हिजबुर रहमान ने इस प्रॉपर्टी पर पंजाब नेशनल बैंक से भी लोन लिया। मोहम्मद अजीम फजलुर रहमान, गारंटर मुजफ्फर हुसैन और विक्रेता नियाजी बेगम ने बैंक से रुपये हड़पने के लिए गलत प्रॉपर्टी दिखाकर दो बैंकों से लोन लिया।
धोखेबाजों पर बैंक का 35 लाख बकाया
शाखा प्रबंधक ने बताया कि मोहम्मद अजीम पर बैंक का कुल 35 लाख 7 हजार 476 बकाया है। इसको वह हड़पना चाहते हैं। कई बार उन्हें नोटिस जारी किए गए लेकिन उन्होंने बैंक में धनराशि जमा नहीं की। मामले की शिकायत एसएसपी से की गई। एसएसपी के आदेश पर कोतवाली में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, जलसाजी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
Updated on:
11 May 2024 08:56 pm
Published on:
11 May 2024 08:38 pm
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