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जम्मू कश्मीर में फर्जीवाड़ा करने वाली कंपनी जल आकाश जांच के घेरे में, पांच गांव की प्रॉपर्टी चिन्हित

  बरेली। जिला अधिकारी शिवाकांत द्विवेदी के निर्देश पर जल आकाश कंपनी की राजस्व टीम ने जांच शुरू कर दी है। तहसीलदार सदर राम नैन सिंह की अगुवाई में तीन सदस्य राजस्व टीम जल आकाश कंपनी के परसाखेड़ा स्थित कार्यालय पहुंची। यहां पर कंपनी के संचालक राजस्व टीम को मौके पर मौजूद नहीं मिले कंपनी के कर्मचारियों ने बताया कि वह किसी जरूरी काम से बाहर गए हुए हैं। इसके बाद टीम के सदस्यों ने कंपनी संचालक मनीष अग्रवाल के मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की तो उनकी कॉल भी रिसीव नहीं हुई। राजस्व टीम वापस लौट आई।

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पांच गांव में प्रॉपर्टी ट्रेस आउट

बृहस्पतिवार को तहसील सदर से तीन सदस्य राजस्व टीम तहसीलदार सदर की अगुवाई में परसाखेड़ा पहुंची। इसमें राजस्व अमीन जोरावर सिंह और प्रेम राज सिंह भी शामिल थे। टीम को कंपनी के कार्यालय पर कोई भी मौजूद नहीं मिला। इसके बाद देर शाम तक चली जांच पड़ताल में जल आकाश कंपनी की पांच गांवो में प्रॉपर्टी चिन्हित की गई है।

28 साल पहले का है मामला

28 साल पहले 1995-96 में जल आकाश कंपनी ने जम्मू कश्मीर में सेना को फैब्रिकेटेड शेल्टर सप्लाई किए थे। बाद में सेना के चीफ इंजीनियर हिमांक की ओर से फैब्रिकेटेड सेंटर में फर्जीवाड़े की शिकायत की गई थी, जिसमें कहा गया था कि इनकी गुणवत्ता निर्धारित मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। उसके बाद यह मामला कोर्ट में चला गया था। कोर्ट की तरफ से इस मामले में कंपनी को नोटिस भेजा गया है।

जल्द सौपेंगे जांच रिपोर्ट

तहसीलदार सदर राम नयन सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर राजस्व टीम की ओर से जल आकाश की प्रॉपर्टी के चिन्हांकन का काम शुरू करा दिया गया है। अब तक 5 गांव में कंपनी की प्रॉपर्टी चिन्हित की जा चुकी है। जल्द ही जांच रिपोर्ट प्रशासन को सौंप देंगे।

कोर्ट का आदेश मानेंगे

जल आकाश कंपनी परसाखेड़ा के संचालक मनीष अग्रवाल ने बताया कि यह पूरा मामला न्यायालय में है। मेरे अधिवक्ता जल्द ही कोर्ट में अपना पक्ष दाखिल करेंगे। उसके बाद न्यायालय का जो भी निर्देश होगा, उसका पालन किया जाएगा।