
बरेली। गगन गुटखा के डीलर अमित भारद्वाज और उनके भाई रामसेवक के यहां बुधवार को आयकर विभाग की छापामार कार्रवाई के बाद से तमाम कारोबारियों में हड़कंप मचा था। अब गुरुवार को टीमें वापस लौट गईं। त्रिवटी नाथ स्थित रामसेवक के आवास को टीम ने सील कर दिया है। हालांकि राम सेवक शहर में मौजूद नहीं हैं, उनके वापस लौटने पर पूछताछ की संभावना जताई जा रही है।
अमित भारद्वाज के राजेंद्र नगर स्थित आवास पर देर रात तक दिल्ली और गाजियाबाद से आई आयकर की टीमों ने छापामार कार्रवाई जारी रखी। लेकिन रात करीब दो बजे टीम लैपटॉप समेत गुटखा कारोबार से जुड़े कई दस्तावेज अपने साथ लेकर चली गई। वहीं दूसरी टीम अमित के भाई रामसेवक के घर पर गुरुवार दोपहर तक डटी रही। इसके बाद त्रिवटी नाथ मंदिर के पास स्थित उनके आवास को सील कर दिया गया और टीम वापस लौट गई। जांच में शामिल अधिकारी कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। महाकुंभ से लौटने के बाद रामसेवक से भी पूछताछ हो सकती है। इधर अमित भारद्वाज डोहरा रोड स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं, कार्रवाई के दौरान भी वह बेहोश हो गए थे। डॉक्टरों का कहना है कि उनको चिकन पॉक्स की शिकायत है। फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है।
गगन गुटखा के डीलर अमित भारद्वाज और उनके भाई रामसेवक के ठिकानों पर तीन साल पहले सेंट्रल जीएसटी की टीम ने भी छापा मारा था। बताया जा रहा है कि गुटखा कारोबार में करोड़ों की टैक्स चोरी के कई अहम सुराग हाथ लगने के बाद अब आयकर छापा पड़ा है। बताया जा रहा है कि आयकर विभाग को सूचना मिली थी कि गुटखा कारोबारी एक ही बिल्टी नंबर पर कई गाड़ियों से माल बाहर भेज रहे थे। इस धांधली में जीएसटी और आयकर दोनों की चोरी किए जाने का शक है, हालांकि अभी पुख्ता तौर पर कुछ साफ नहीं हुआ है। आयकर टीमों ने गुटखा डीलर भाइयों के ठिकानों से तमाम दस्तावेज कब्जे में लिए हैं। अमित भारद्वाज और उनके भाई रामसेवक आईटीसी उत्पादों का भी कारोबार करते हैं। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों ने हाल ही में एक पान मसाला कंपनी की ड्रिस्ट्रीब्यूटरशिप भी ली है। पीलीभीत रोड पर एयरपोर्ट के पास उनके किराए पर गोदाम चल रहे हैं। नैनीताल रोड पर भी एक गोदाम बनाया है। शहर के बीचोबीच बाजार में माल स्टॉक किया जाता है। आसपास के जिलों में दोनों बड़े पैमाने पर सप्लाई करते हैं।
राष्ट्र जागरण उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष व्यापारी विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि अमित भारद्वाज उनके संगठन के पदाधिकारी हैं। उन्हें कई दिन से चिकन पॉक्स है। डायबिटीज और बीपी की समस्या से भी वह परेशान रहते हैं। अमित और उनके परिवार पर टीम दबाव बना रही थी कि रामसेवक के घर का ताला तोड़ने के बाद उनके सामने तलाशी ली जाएगी। टीम से पूछा गया कि रामसेवक या अमित के खिलाफ कोई नोटिस जारी किया गया है या नहीं, अफसरों ने इसकी जानकारी नहीं दी। इसके बाद टीम से कहा कि वे सहयोग करने के लिए आए हैं न कि विरोध करने को। विशाल मेहरोत्रा ने बताया कि टीम के अभद्र व्यवहार करने से अमित भारद्वाज की तबीयत खराब हुई है।
Updated on:
13 Feb 2025 05:01 pm
Published on:
13 Feb 2025 05:00 pm
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