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बरेली। नगर निकाय चुनाव को लेकर सभी दल जी तोड़ मेहनत कर रहें है और इस चुनाव में नोटबंदी और जीएसटी का क्या असर होगा इस पर व्यापारियों की मिली जुली प्रतिक्रिया सामने आई है। कुछ व्यापारियों का कहना है कि नोट बंदी का असर अब खत्म हो चुका जबकि किसी का कहना है कि नोट बंदी और जीएसटी से व्यापारियों को बहुत कष्ट उठाने पड़े है जिससे इस चुनाव में बीजेपी को नुकसान होने की आशंका है।
जीएसटी के बारे में उन्होंने कहा कि जीएसटी से कागजी कार्रवाही बढ़ी है लेकिन सरकार द्वारा जी संसोधन किया गया है उससे बहुत से व्यापारियों को अब कागजी कार्रवाही नहीं करनी पड़ेगी जिससे उन्हें फायदा है और नोट बंदी और जीएसटी का निकी चुनाव पर कोई असर नहीं है।
उत्तर प्रदेश सर्राफा व्यापार संघ के जिलाध्यक्ष अनिल पाटिल का कहना है कि अब नोट बंदी का असर समाप्त हो चुका है लेकिन जीएसटी का असर अभी भी व्यापार पर पड़ रहा है लेकिन इसका चुनाव पर कोई असर नहीं है।
उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार संगठन के अध्यक्ष विशाल मल्होत्रा का कहना है कि नोट बंदी और जीएसटी का पहले विरोध था लेकिन धीरे धीरे सुधार हुआ है। सरकार को समझ में आ गया है और सरकार ने व्यापारियों के दवाब में आकर जीएसटी में संसोधन किया हैं और नोट बंदी और जीएसटी का चुनाव पर कोई असर नहीं है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार मंडल के प्रदेश महामंत्री आशीष सिंघल का कहना है कि नोट बंदी का प्रभाव दो महीने के लिए व्यापारियों पर पड़ा था। इसके बाद कैशलेस व्यवस्था से व्यापारियों का ही फायदा है पहले लाखों रूपये लेकर आने जाने में डर लगा रहता था लेकिन अब चेक से पेमेंट हो रहा है इससे सिर्फ दो नबंर का काम करने वाले व्यापरियों जिनकी संख्या छह से सात प्रतिशत ही है उन्हें ही दिक्क्त है।
उत्तर प्रदेश उधोग व्यापार मंडल के प्रदेश महमंत्री राजेंद्र गुप्ता का कहना है कि नोट बंदी और जीएसटी से व्यापारी नाराज है ऐसा लगता है कि व्यापारी भाजपा के खिलाफ जाएगा। नोट बंदी और जीएसटी ने कारोबार को पीछे धकेल दिया है। जीएसटी गलत तरीके से लगाई गई जिसमे बार बार संसोधन करना पड़ रहा है और व्यापारी अभी भी संतुष्ट नहीं है।
Published on:
18 Nov 2017 02:57 pm

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