
बरेली। बिथरी चैनपुर क्षेत्र में विवाहिता को गर्भवती होने पर जबरन दवा खिलाकर गर्भपात कराने और पति द्वारा घर से निकाल दिए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पति समेत ससुराल पक्ष के नौ सदस्यों पर दहेज मांगने, मारपीट करने और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई है।
कैंट क्षेत्र की रहने वाली पीड़िता का निकाह बिथरी चैनपुर निवासी से मुस्लिम रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह में मायके पक्ष द्वारा करीब दस लाख रुपये मूल्य का दान-दहेज और अन्य सामग्री दी गई थी। महिला ने बताया कि निकाह के दो माह बाद जब वह गर्भवती हुई तो पति ने संतान नहीं चाहने की बात कहकर अपनी दुकान से गर्भपात की दवा निकालकर जबरन खिला दी, जिससे गर्भ गिर गया। आरोप है कि उक्त घटना के बाद से वह मां बनने में असमर्थ हो गई।
महिला का आरोप है कि पति, सास, ससुर, ननद और नंदोई समेत परिवार के अन्य सदस्यों ने उस पर मायके से दो लाख रुपये लाने का दबाव बनाया। एक लाख रुपये पिता से लेकर उसने पति को दिए, लेकिन दोबारा रुपये न देने पर मारपीट की गई। कुछ माह पूर्व पति ने उसे बताया कि वह डॉक्टरी कोर्स के सिलसिले में बाहर जा रहा है। इसके बाद अचानक एक दिन पति दूसरी महिला को लेकर घर आया और रात में मारपीट कर उसे तन पर पहने कपड़ों में ही घर से निकाल दिया गया। किसी तरह वह मायके पहुंची।
13 अप्रैल 2025 को जब वह अपने भाई के साथ ससुराल पहुंची तो वहां मौजूद परिजनों ने दोनों के साथ लात-घूंसों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता ने मामले की शिकायत एसएसपी अनुराग आर्य से की। जिसके बाद कैंट पुलिस ने ससुरालियों पर रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरु कर दी है।
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Published on:
06 May 2025 04:35 pm
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