
यूपी के इस सरकारी अस्पताल में घोर लापरवाही, इलाज के आभाव में बच्ची ने तड़प तड़प कर दम तोड़ा
बरेली। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ भले ही गरीबों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने को लेकर गंभीर हो और सरकारी अस्पतालों में लापरवाही न बरतने के निर्देश जारी किए हो बावजूद इसके सरकारी अस्पतालों के हालात सुधरने के नाम नहीं ले रहे हैं। ताजा मामला बरेली का है जहाँ पर इलाज न मिलने के कारण पांच दिन की बच्ची ने अपनी नानी की गोद में तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया। अस्पताल में इलाज के लिए पहुंची बच्ची को बेड उपलब्ध न होने का हवाला देकर भर्ती नहीं किया गया और बच्ची के पिता और नानी उसे लेकर तीन घंटे तक चक्कर लगाते रहे लेकिन बच्ची का इलाज नहीं शुरू हो सका जिसके कारण बच्ची ने दम तोड़ दिया। बच्ची की मौत के बाद पुरुष और महिला अस्पताल के सीएमएस आपस में भिड़ गए और दोनों ने एक दूसरे पर लापरवाही पर आरोप लगाया है।
ये भी पढ़ें
बच्ची को नहीं किया भर्ती
बिशारतगंज के गोकुलपुरा गाँव के रहने वाले किसान योगेंद्र सिंह अपनी पांच दिन की बेटी उर्वशी को इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर आए थे। जहाँ पर ओपीडी में बैठे डॉक्टर ने बच्ची को जिला महिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जब बच्ची के परिजन उसे लेकर महिला अस्पताल गए तो महिला अस्पताल में बेड उपलब्ध न होने का हवाला देकर बच्ची को फिर से पुरुष अस्पताल के लिए भेज दिया। इस दौरान बच्ची के पिता और नानी बच्ची को लेकर तीन घंटे तक दोनों अस्पतालों के चक्कर काटते रहे लेकिन बच्ची का इलाज शुरू नहीं हो पाया और बच्ची ने अपनी नानी की गोद में तड़प तड़प कर दम तोड़ दिया।
ये भी पढ़ें
दोनों सीएमएस आपस में उलझे
इलाज के आभाव में बच्ची की मौत के बाद जिला पुरुष और महिला अस्पताल के सीएमएस एक दूसरे पर ही लापरवाही का आरोप लगाते नजर आए। मीडिया के सामने ही दोनों ही सीएमएस में जमकर नोकझोंक भी हुई। वही बच्ची के परिजन ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने के लिए कोतवाली में तहरीर दी है।
Published on:
19 Jun 2019 05:02 pm
बड़ी खबरें
View Allबरेली
उत्तर प्रदेश
ट्रेंडिंग
