
9 अप्रैल से 15 मई तक रही थी प्रदेश में आचार संहिता
निकाय चुनाव को लेकर आयोग ने 9 अप्रैल की शाम को आचार संहिता लागू की थी। इसके बाद 15 मई तक आचार संहिता लगी रही। इस दौरान दैनिक कार्यों के अलावा टेंडर जैसे सभी बड़े कार्य स्थगित थे। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने इस मामले में आदेश भी जारी किया था कि आचार संहिता के दौरान कोई भी नीतिगत कार्य नहीं होंगे।
इसके बावजूद नगर पालिका और नगर पंचायतों में शासनादेश की अनदेखी कर टेंडर निकाले गए। इसके लिए किसी से अनुमोदन भी नहीं लिया गया। मामले की शिकायत मिलने के बाद डीएम ने इसकी जांच शुरू करा दी है। जिले भर में आचार संहिता के दौरान हुए टेंडरों की फाइल तलब की गई है।
बहेड़ी चेयरमैन बोलीं, टेंडर की कराएंगे जांच
बहेड़ी से भाजपा चेयरमैन रश्मि जायसवाल ने बताया कि उन्होंने शनिवार को ही शपथ ली है। टेंडर का मामला संज्ञान में आया है। नगर पालिका परिषद बहेड़ी के अधिशासी अधिकारी वीरेंद्र प्रताप सिंह, नगर पालिका बहेड़ी के अवर अभियंता जल विपिन कुमार ने 26 मई को हाई मास्ट एलईडी लाइटों की आपूर्ति के लिए टेंडर आमंत्रित किया था। मामले की जांच कराई जाएगी। आचार संहिता में टेंडर किसके आदेश से और किन परिस्थितियों में निकाला गया। नियमानुसार ना होने पर टेंडर निरस्त कराया जाएगा। मामले में कार्यवाही होगी।
Updated on:
28 May 2023 06:34 pm
Published on:
28 May 2023 06:25 pm
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