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जेल में बंद माफिया के दामाद नगरिया के प्रधान ने थामा भाजपा का दामन, सपा जिलाध्यक्ष बोले मुझे नाम तक नहीं मालूम

बरेली। जिले की सबसे बड़ी ग्राम पंचायत मोहनपुर के ग्राम प्रधान और फतेहगंज पश्चिमी के कुख्यात स्मैक तस्कर रियासत उर्फ नन्हे लंगड़ा के दामाद जाकिर हुसैन ने 11 प्रधानों के साथ भाजपा का दामन थाम लिया। सपा के लिए यह बड़ा झटका माना जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष शिवचरन कश्यप ने बताया कि उन्हें जानकारी नहीं है कि मोहनपुर के प्रधान सपा छोड़कर भाजपा में चले गए है। उनका नाम क्या है, यह भी उन्हें नहीं पता है।  

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सास-ससुर से संबंध विच्छेद कर चुके है दामाद

जाकिर हुसैन मंगलवार को भाजपा के शुक्रिया मोदी भाईजान कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ नेता मुख्तार अब्बास नकवी की मौजूदगी में भाजपा में शामिल हुए थे। इससे पहले तक वह इस इलाके में सपा के मजबूत स्तंभ के साथ उसकी सुनिश्चित जीत का पर्याय माने जाते थे। जाकिर ने भाजपा का दामन थामने की जिले के सपा नेताओं को भनक नहीं लगी। जाकिर के ससुर नन्हे लंगड़ा की गिनती जिले के कुख्यात स्मैक तस्करों में होती है। पिछले साल फतेहगंज पश्चिमी में नन्हे की कोठी को भी मुख्यमंत्री के निर्देश पर चलाए गए अभियान के तहत ढहा दिया गया था। काफी समय से नन्हें लंगड़ा जेल में भी बंद है। जाकिर हुसैन ने कहा कि भाजपा में अगर इज्जत, हक और स्थान मिलेगा तो कोई क्यों नहीं जाएगा। भाजपा के नेता उनके घर आकर इज्जत देने की बात कह रहे थे। इसीलिए उन्होंने भाजपा में कोई बुराई नहीं समझी। उन्होंने यह भी कहा कि कोई कुछ भी कहे, वह अपने सास-ससुर से संबंध विच्छेद कर चुके हैं। कई साल पहले ही सास-ससुर के गलत काम की वजह से उन्होंने यह फैसला कर लिया था।

जाकिर भी रहे थे पुलिस के निशाने पर

नन्हे लंगड़ा का दामाद होने की वजह से जाकिर हुसैन भी काफी समय तक पुलिस के निशाने पर रहे। कई बार उनके खिलाफ जांच-पड़ताल की गई। कई बार उनका फोन भी सर्विलांस पर लगाया गया। यह अलग बात है कि उनके खिलाफ कभी कोई सुबूत नहीं मिला। जाकिर हुसैन भी इस बात को स्वीकार करते है। क्या भाजपा में जाने से उनके जेल में बंद ससुर को बाहर आने में मदद मिलेगी, इस सवाल पर उन्होंने कहा कि वह गलत काम में किसा का साथ नहीं दूंगा।