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गर्मी बढ़ते ही बदला जंगल सफारी का टाइम, अब सुबह 6 बजे से मिलेगा टाइगर ट्रेल का रोमांच

गर्मी की दस्तक के साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में सैलानियों के लिए जंगल सफारी का समय बदल दिया गया है।

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पीलीभीत। गर्मी की दस्तक के साथ ही पीलीभीत टाइगर रिजर्व (पीटीआर) में सैलानियों के लिए जंगल सफारी का समय बदल दिया गया है। अब पर्यटक सुबह 6 बजे से जंगल की सैर कर सकेंगे, जिससे उन्हें ठंडे मौसम में वन्यजीवों को करीब से देखने का बेहतर मौका मिलेगा।

नए शेड्यूल के मुताबिक सुबह की सफारी अब सुबह 6 बजे से 9:30 बजे तक चलेगी, जबकि शाम की सफारी दोपहर 3:30 बजे से शाम 6:30 बजे तक निर्धारित की गई है। पहले सुबह की सफारी 6:30 से 10 बजे और शाम की 2:30 से 6 बजे तक होती थी। तापमान बढ़ने के कारण हर साल की तरह इस बार भी 1 अप्रैल से समय में बदलाव लागू कर दिया गया है। वन विभाग के अनुसार समय में बदलाव का मकसद सैलानियों को भीषण गर्मी से राहत देना और वन्यजीवों पर पड़ने वाले असर को कम करना है। सुबह के समय ठंडक अधिक रहने से बाघ, हिरण समेत अन्य जानवरों के दिखने की संभावना भी बढ़ जाती है।

सैलानियों की बढ़ती भीड़, बाघ के दीदार

गर्मी के बावजूद पीलीभीत टाइगर रिजर्व में पर्यटकों की संख्या लगातार बढ़ रही है। स्थानीय के साथ-साथ दूर-दराज से आने वाले सैलानियों को बाघ के भी दीदार हो रहे हैं, जिससे उनका सफर यादगार बन रहा है। रेंजर सहेंद्र यादव ने बताया कि निर्धारित नियमों के तहत समय में बदलाव किया गया है और इसे 1 अप्रैल से प्रभावी कर दिया गया है। तेज गर्मी को देखते हुए टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन्यजीवों के लिए पानी की व्यवस्था मजबूत करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। विभिन्न रेंजों में 5 नए वाटर होल (जलस्रोत) बनाए जा रहे हैं ताकि जानवरों को पानी के लिए भटकना न पड़े।

पहले से मौजूद 55 से अधिक जलस्रोत

पीटीआर में पहले से ही 55 से अधिक जलस्रोत मौजूद हैं। इनमें से करीब 26 जलाशयों में सोलर पंप से पानी भरा जाता है, जबकि बाकी प्राकृतिक स्रोतों पर निर्भर हैं। जरूरत पड़ने पर टैंकरों के जरिए भी पानी उपलब्ध कराया जाता है। प्रत्येक नए वाटर होल पर करीब एक लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इनके बनने के बाद रिजर्व में कुल जलस्रोतों की संख्या बढ़कर 60 हो जाएगी, जिससे बाघ, हिरण और अन्य वन्यजीवों को गर्मी में राहत मिलेगी। डीएफओ मनीष सिंह ने बताया कि वन्यजीवों की सुरक्षा और संरक्षण को ध्यान में रखते हुए यह कार्य तेजी से कराया जा रहा है और जल्द ही सभी जलस्रोत तैयार कर लिए जाएंगे।