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स्मार्ट सिटी का ‘हाट’ बर्बाद, ग्रीनरी खत्म, बिना अनुमति बनाया कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, सवालों के घेरे में 157 करोड़ की परियोजना

स्मार्ट सिटी के सपनों को झटका देते हुए अर्बन हाट प्रोजेक्ट में बड़ी अनियमितता सामने आई है। 157 करोड़ की लागत से बने इस सांस्कृतिक केंद्र को अब चुपचाप कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदला जा रहा है।

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बरेली। स्मार्ट सिटी के सपनों को झटका देते हुए अर्बन हाट प्रोजेक्ट में बड़ी अनियमितता सामने आई है। 157 करोड़ की लागत से बने इस सांस्कृतिक केंद्र को अब चुपचाप कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स में बदला जा रहा है। बिना अनुमति निर्माण, ग्रीनरी खत्म करने और ऊपरी मंजिल पर अवैध ढांचे खड़े करने के आरोपों ने पूरे प्रोजेक्ट पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

157 करोड़ की परियोजना, लेकिन नियमों की धज्जियां

विकास भवन के पास 46,135 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में बने अर्बन हाट का निर्माण सितंबर 2021 में शुरू होकर दिसंबर 2023 में पूरा हुआ था। इस परियोजना को स्थानीय हस्तशिल्प और सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया गया था। लेकिन अब वही परियोजना अपने मूल स्वरूप से भटकती नजर आ रही है।

30 साल का ठेका, बिना अनुबंध शुरू कर दिया संचालन

निर्माण के बाद संचालन का ठेका बरेली की वैग्माइन इंटरप्राइजेज को 30 वर्षों के लिए दिया गया। चौंकाने वाली बात यह है कि एजेंसी ने स्मार्ट सिटी कंपनी के साथ औपचारिक अनुबंध किए बिना ही पूरे परिसर और ऑडिटोरियम को किराए पर देना शुरू कर दिया। बिना अनुमति निजी कार्यक्रम आयोजित कर करोड़ों के राजस्व को नुकसान पहुंचाने का आरोप है।

ग्रीनरी खत्म, शोरूम खड़े—बदल गई पहचान

अर्बन हाट, जो सांस्कृतिक और हस्तशिल्प गतिविधियों के लिए बनाया गया था, अब तेजी से एक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स में बदलता जा रहा है। परिसर की ग्रीनरी खत्म कर वहां शोरूम बनाए जा रहे हैं। जानकारों का कहना है कि अधिकारियों को गुमराह कर बड़ी कंपनियों को जगह बेचने की तैयारी भी की जा रही थी।

पिलर-दीवार तोड़कर ऊपर तक निर्माण, खतरे में स्ट्रक्चर

परियोजना के अंदर बड़े स्तर पर तोड़फोड़ कर निर्माण किया जा रहा है। पिलर, दीवार और लिंटर तक तोड़कर ऊपरी मंजिल को बढ़ाया जा रहा है। बिना तकनीकी अनुमति और मानकों के यह निर्माण न सिर्फ अवैध है बल्कि भविष्य में बड़े हादसे का कारण भी बन सकता है।

पहले भी उठ चुके सवाल, अब फिर खुली पोल

अर्बन हाट परियोजना पहले भी विवादों में रह चुकी है। ठेका मिलने के बाद से ही एजेंसी द्वारा अनुबंध प्रक्रिया को टालने और मनमानी करने के आरोप लगते रहे हैं। अब दोबारा सामने आई अनियमितताओं ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है।

सीईओ का एक्शन मोड: जांच के बाद होगी कार्रवाई

बरेली स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ संजीव कुमार मौर्य ने मामले को गंभीरता से लेते हुए टीम को मौके पर भेजकर रिपोर्ट तलब की है। उन्होंने साफ कहा है कि यदि कार्य शर्तों और मानकों के विपरीत पाया गया तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।