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खादी फॉर फैशन-खादी फॉर नेशन का बिगुल, 10 लाभार्थियों को बांटी गई मशीनें

खादी को नई पीढ़ी का फैशन ट्रेंड बनाने के मिशन के साथ बरेली में मण्डल स्तरीय खादी सेमिनार का भव्य आगाज हुआ।

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बरेली। खादी को नई पीढ़ी का फैशन ट्रेंड बनाने के मिशन के साथ बरेली में मण्डल स्तरीय खादी सेमिनार का भव्य आगाज हुआ। अर्बन हाट में आयोजित इस कार्यक्रम में खादी फॉर फैशन-खादी फॉर नेशन का नारा गूंजा और युवाओं को स्वदेशी की ताकत का संदेश दिया गया।

उप्र खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड की ओर से आयोजित इस सेमिनार का शुभारम्भ कैण्ट विधायक के प्रतिनिधि अरुण कश्यप ने फीता काटकर किया। कार्यक्रम में खादी को आधुनिक दौर में फिर से स्थापित करने की रणनीति पर जोर दिया गया।

खादी को बनाया जा रहा फैशन स्टेटमेंट

सेमिनार का मुख्य उद्देश्य खादी को सिर्फ परंपरा नहीं, बल्कि आधुनिक फैशन के रूप में स्थापित करना है। विशेषज्ञों ने बताया कि खादी पर्यावरण के अनुकूल, प्राकृतिक और सस्टेनेबल फैब्रिक है, जो युवाओं के लिए भविष्य का फैशन बन सकता है।

युवाओं को दिया ‘स्वदेशी स्टाइल’ का संदेश

कार्यक्रम में डॉ. लक्ष्मी, डॉ. ज्योति गुप्ता, निखिल सिंह समेत कई विशेषज्ञों ने व्याख्यान देकर युवाओं को खादी अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि खादी सिर्फ कपड़ा नहीं, बल्कि आत्मनिर्भर भारत की पहचान है।

10 लाभार्थियों को मिली मशीन, रोजगार को मिला बूस्ट

खादी नीति के तहत चयनित 10 लाभार्थियों को पॉपकॉर्न मेकिंग मशीन वितरित की गई। इस कदम को ग्रामीण स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा प्रयास माना जा रहा है।

आत्मनिर्भर भारत का ‘खादी मॉडल’ पेश

सेमिनार में खादी को रोजगार, स्वदेशी और आत्मनिर्भर भारत से जोड़कर प्रस्तुत किया गया। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खादी सिर्फ परिधान नहीं, बल्कि आर्थिक सशक्तिकरण का माध्यम है।

अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी

इस मौके पर परिक्षेत्रीय ग्रामोद्योग अधिकारी मनोज कुमार गुप्ता समेत मण्डल के विभिन्न जिलों के अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में आम लोग मौजूद रहे।