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जीआईसी में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों की ठगी, पत्नी की रिश्तेदार ने लखनऊ बुलाकर थमाए जाली नियुक्ति पत्र, फिर हुआ ये…

जीआईसी में संविदा नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। आरोप है कि पीड़ित की पत्नी की रिश्तेदार ने लखनऊ बुलाकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाए। रुपये वापस मांगने पर धमकी दी गई। एसएसपी के आदेश पर केस दर्ज हुआ है।

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बरेली। सरकारी कॉलेज में नौकरी दिलाने के नाम पर सुनियोजित गिरोह द्वारा लाखों रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि जालसाजों ने फर्जी नियुक्ति पत्र बांटकर बेरोजगारों की उम्मीदों से खेला और जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगे तो उन्हें गालियां दी गईं और जान से मारने की धमकी तक दी गई। मामला तूल पकड़ने के बाद पीड़ित की शिकायत पर एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश से सुभाषनगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित अभिनव सिंह चौहान के अनुसार, उसकी पत्नी की दूर की रिश्तेदार समीक्षा सिंह उर्फ सची ने जीजीआईसी और जीआईसी में संविदा पर नौकरी लगवाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के लिए बताया गया कि इसी तरीके से उसकी और उसकी बहन की नौकरी पहले ही लग चुकी है। इसके बदले चार लाख रुपये की मोटी रकम मांगी गई।

किस्तों में वसूली, लखनऊ बुलाकर रचा नाटक

आरोप है कि समीक्षा सिंह ने अलग-अलग किस्तों में अभिनव से करीब ढाई लाख रुपये ऐंठ लिए। इसके बाद लखनऊ के एक होटल में दस्तावेज सत्यापन के नाम पर बुलाया गया, जहां दुर्गेश बाजपेयी और उसके साथी ने पूरी पटकथा के तहत फर्जी कागजात जांचने का ड्रामा किया और निजी कंपनी के नाम से बने जाली नियुक्ति पत्र थमा दिए। नियुक्ति पत्रों पर फर्जी मुहरें लगी थीं, जिससे पीड़ित और उसका परिवार पूरी तरह जाल में फंस गया। यहीं नहीं रुके आरोपी। कुछ ही दिनों बाद पीड़ित की पत्नी की बहन से भी नौकरी दिलाने के नाम पर एक लाख से ज्यादा रुपये वसूल लिए गए। महीनों बीतने के बावजूद न तो नौकरी मिली और न ही तैनाती की कोई सूचना दी गई। तब जाकर पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का अहसास हुआ।

रुपये मांगे तो धमकी, बोले- पुलिस हमारी जेब में

पीड़ित का आरोप है कि जब उसने अपने रुपये वापस मांगे तो आरोपी टालमटोल करने लगे। गाली-गलौज के साथ जान से मारने की धमकियां दी गईं। इतना ही नहीं, आरोपी खुद को रसूखदार बताते हुए खुलेआम कहते रहे कि पुलिस हमारी जेब में है, जो करना है कर लो। बाद में आरोपियों ने अपने मोबाइल फोन भी बंद कर लिए। दबाव पड़ने पर कुछ रकम वापस की गई, लेकिन अब भी बड़ी राशि बकाया बताई जा रही है। आखिरकार पीड़ित ने पूरे मामले की शिकायत सीधे एसएसपी से की।

एसएसपी के आदेश पर दर्ज हुआ मुकदमा, गिरोह की तलाश

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी अनुराग आर्य के आदेश पर सुभाषनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि यह संगठित ठगी का मामला प्रतीत हो रहा है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


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