20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भूमाफियाओं ने नितेश को बनाया मुखौटा, करोड़ों की बेनामी संपत्ति खरीदी, 25 हजार कमाने वाला ऐसे बना करोड़पति

बरेली। भूमाफिया मुखौटा कंपनियों के नाम पर अब तक करोड़ों की बेनामी संपत्तियों का काला कारोबार कर रहे थे। अब माफियाओं ने एक मुखौटा नौकर के नाम पर करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीदी है। इस मामले की शिकायत सुभाषनगर के रहने वाले अश्फाक ने सीएम पोर्टल पर की है।

2 min read
Google source verification
crore.jpg

छह माह में खरीदी करोड़ों की प्रॉपर्टी, कराई 11 रजिस्ट्री

सब रजिस्ट्रार कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार संजयनगर में सैनिक कॉलोनी के रहने वाले नितेश कुमार ने पिछले 6 माह में 11 रजिस्ट्री अपने नाम पर कराई। जिन जमीनों की रजिस्ट्री कराई गई उनका बाजार मूल्य करोड़ों रुपये है। सरकारी मूल्य भी एक करोड़ से ज्यादा बताया गया है। छह महीने में ही नितेश कुमार एक मामूली आदमी से करोड़पति बन गया। उसकी सारी रजिस्ट्री बैंक आफ बड़ौदा 34 ए मॉडल टाउन नंबर 26770 000111 203 बैंक खाते से कराई गई है।

25 हजार महीने कमाने वाला नितेश, आखिर कैसे बना करोड़पति

संजयनगर की सैनिक कॉलोनी का रहने वाला नितेश बहुत ही सामान्य परिवार का है। उसकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वह करोड़ों की प्रॉपर्टी खरीद सके। पिछले साल तक वह सोनू ब्रिक फील्ड पर नौकरी करता था। उसे 25 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। वर्तमान ने वह केसर बिल्डटेक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में काम करता है। बैंक दस्तावेजों के मुताबिक उसकी सैलरी 25 हजार है। 25 हजार महीने कमाने वाला नितेश आखिर कैसे करोड़ों की बेनामी संपत्तियों का मालिक बन गया मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत होने के बाद अब इस मामले में जांच पड़ताल शुरू होगी। फर्जीवाड़ा करने वाले और सरकारी राजस्व की कर चोरी करने, हेरा फेरी करने वालों जुर्माना वसूला जाएगा। उन पर मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।

कपड़ों का होलसेल का काम, लेकिन ऑफिस नहीं है

इस मामले में जब नितेश कुमार से मोबाइल पर बातचीत की गई तो उन्होंने कहा कि हां मैंने रजिस्ट्री कराई हैं। मेरे कपड़ों का होलसेल का कारोबार है। बालाजी ट्रेडर्स के नाम से कंपनी है। लेकिन कंपनी का ऑफिस बरेली में कहीं नहीं है। वह एजेंट के तौर पर काम करते हैं। कंपनी की जीएसटी के बारे में भी उनको जानकारी नहीं है लेकिन उनके बैंक खाते में आने वाले रुपयों में कहीं भी बाला जी कंपनी का जिक्र नहीं है। इस वजह से नितेश कुमार अपने ही बुने जाल में फसते नजर आ रहे हैं। अब इस मामले में जांच के बाद स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी। भू माफियाओं ने किस तरीके से फर्जीवाड़ा कर एक नौकर को करोड़पति बना दिया।